उड्डयन क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि: ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टर ने भरी पहली उड़ान
बेंगलुरु। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में अगली पीढ़ी के हेलीकॉप्टर ध्रुव-एनजी का उद्घाटन कर दिया। इस अवसर पर एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. डीके सुनील भी मौजूद थे। नायडू ने उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, ध्रुव-एनजी की पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो स्वदेशी हेलीकॉप्टर का एक नागरिक संस्करण है जिसे एचएएल ने 2025 एयरो इंडिया शो में प्रदर्शित किया था।
एचएएल के मुताबिक ध्रुव-एनजी 5.5 टन का हल्का, दो इंजन वाला, बहु-भूमिका वाला हेलीकॉप्टर है जिसे भारतीय भू-भाग की विविध और चुनौतीपूर्ण जरुरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। इसे विशेष रूप से वैश्विक नागरिक उड्डयन बाजार की कठोर मांगों को पूरा करने के लिए तैयार किया है। इसे बेहतर सुरक्षा, प्रदर्शन और यात्री आराम के लिए डिज़ाइन किया है। यह हेलीकॉप्टर स्वदेशी रोटरी-विंग क्षमता में एक मील का पत्थर है। ध्रुव-एनजी दो शक्ति 1एच1सी इंजनों से सुसज्जित है, जो उच्च शक्ति रेटिंग प्रदान करते हैं और भारत में आंतरिक रखरखाव को सक्षम बनाते हैं।
एचएएल ने बताया कि इसमें एएस4 मानकों के अनुरूप नागरिक-प्रमाणित ग्लास कॉकपिट और बेहतर स्थितिजन्य जागरूकता के लिए आधुनिक एवियोनिक्स सूट लगा है। इसमें उन्नत कंपन नियंत्रण प्रणाली है जो वीआईपी और चिकित्सा परिवहन के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है और सुगम उड़ान का अहसास कराती है। एचएएल के मुताबिक ध्रुव-एनजी का अधिकतम टेक-ऑफ भार 5,500 किलोग्राम है और यह 285 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति तक पहुंच सकता है। यह अधिकतम 14 यात्रियों को ले जा सकता है।


राशिफल 4 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
बाघ गणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न
पार्टी में उठे सवाल: हरीश रावत के ‘अवकाश’ पर हरक सिंह रावत का बड़ा बयान
आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट: तेज हवाओं के बीच सुरक्षित रहें
राज्य में कृषि एवं जैव ईंधन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम
बदलाव की बयार : जहॉ था डर और प्यास वहाँ अब विकास: लखपाल बना नई उम्मीद की मिसाल
हरीश रावत ने तोड़ी चुप्पी: राजनीति पर दिया बड़ा संदेश
भारत के लिए राहत की खबर: रूस ने संकट के बीच किया समर्थन
नवजीवन की ओर बढ़ते कदम
लकड़ी के अवैध परिवहन पर कार्रवाई, पिकअप वाहन जब्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. गुरकीरत सिंह मनोचा के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी
पर्यावरण बचाएँ और पुरस्कार जीतें: कचरा बदलें राशन में
उज्जैन प्राचीन काल से है समय गणना और खगोल विज्ञान का वैश्विक केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव