नक्सलियों की सरेंडर की बड़ी खबर: 11 ने किया आत्मसमर्पण, छह महिलाएं
गृह मंत्री शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने का रखा है लक्ष्य
गढ़चिरोली। महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में गुरुवार को 5 वरिष्ठ सदस्यों समेत 11 माओवादी उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह घटनाक्रम क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद की गतिविधियों में आई भारी गिरावट को दर्शाता है। इस समूह में छह महिलाएं शामिल थीं और इन पर कुल 68 लाख रुपए का इनाम था। गढ़चिरोली पुलिस के मुताबिक उन्होंने पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के सामने अपने हथियार डाले। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ से सटी सीमा वाले गढ़चिरोली जिले में कभी नक्सली गतिविधियां काफी प्रचलित थीं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि ऐसी गतिविधियां भामरागड उपमंडल के सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में डिविजनल कमेटी सदस्य सोनी उर्फ बाली वट्टे मट्टामी (45) और एरिया कमेटी सचिव बुदारी उर्फ रामबत्ती मट्टामी (40) सुखलाल कोकसा (31), शांति उर्फ सोमारी तेलामी (28), यमुनाक्का उर्फ रुखमक्का पेंदाम (60), गणेश कोवासी (21), मिनाको उर्फ जमानी मट्टामी (22), धनु वेलंजे (38), सुनीता उर्फ वांगे होयम (25), रमेश मडावी (28) और किशोर शामिल हैं।
पुलिस ने पिछले साल अक्टूबर में एक अहम घटनाक्रम का भी जिक्र किया, जब वरिष्ठ माओवादी नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने 61 अन्य वरिष्ठ कैडरों के साथ गढ़चिरौली में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस के सामने आत्मसमर्पण किया था। विशेष पुलिस महानिरीक्षक ने शेष माओवादी सदस्यों से हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा के समाज में लौटने का आग्रह किया। बता दें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियान और विकास प्रयासों को तेज करने की योजना बना रही है। पिछले कुछ सालों में नक्सलियों से जुड़ी घटनाओं में काफी कमी आई है।


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