बेटा रह गया पीछे, Buffett ने इस दिग्गज को दी Berkshire की जिम्मेदारी
ओमाहा के ओरेकल के नाम से मशहूर दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने रिटायरमेंट की घोषणा की है. छह दशक से ज़्यादा समय तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद बर्कशायर हैथवे के सीईओ पद से अपनी सेवानिवृत्ति की बात कही. उनकी जगह बर्कशायर हैथवे के मौजूदा वाइस चेयरमैन ग्रेगरी ई एबेल लेंगे.
वॉरेन बफेट कहा कि मुझे लगता है कि अब समय आ गया है जब ग्रेग को साल के अंत में कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बन जाना चाहिए. कंपनी की वार्षिक शेयरधारक बैठक के दौरान बोलते हुए अरबपति निवेशक ने कहा कि केवल बोर्ड और उनके दो बच्चों (हॉवर्ड और सूजी बफेट) को ही इस घोषणा के बारे में पता था - यहां तक कि नामित उत्तराधिकारी 62 वर्षीय ग्रेग एबेल को भी इस घोषणा के बारे में पता नहीं था.
कौन है ग्रेगरी एबेल?
ग्रेगरी ई एबेल 62 साल के उम्र में जनवरी 2018 में बर्कशायर हैथवे के निदेशक मंडल में गैर-बीमा संचालन के उपाध्यक्ष के रूप में शामिल हुए. पूर्व उपाध्यक्ष चार्ली मुंगेर के वार्षिक बैठक में अनजाने में जानकारी का खुलासा करने के बाद 2021 में एबेल को बफेट का उत्तराधिकारी घोषित किया गया. तब से एबेल ने ज्यादातर पर्दे के पीछे से काम किया है, हालांकि शेयरधारकों ने उन्हें बफेट के साथ वार्षिक बैठकों और साक्षात्कारों के दौरान जाना है.
वॉरेन बफेट के बेटे हॉवर्ड बर्कशायर हैथवे के सीईओ क्यों नहीं होंगे?
इतिहास में सबसे बड़े निवेशक में से एक मे, वॉरेन बफेट के तीन बच्चों - सूसी (71), हॉवर्ड (70), और पीटर (66) - को उनके बर्कशायर शेयरों में से 140 बिलियन डॉलर दिए गए. तीनों के पास जो हिस्सेदारी है, वह परोपकारी कार्यों के लिए है, जिसका मतलब है कि वॉरेन बफेट के बच्चों को अपने पिता की ज्यादातर संपत्ति विरासत में नहीं मिलेगी. सूसी बफेट 2021 से निदेशक मंडल में हैं, होवी 30 से ज्यादा सालों से बोर्ड में पद पर हैं.
जनवरी में वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार इस हैंडओवर योजना पर दशकों से काम चल रहा था और दूसरे बच्चे होवी को वॉरेन बफेट से बर्कशायर हैथवे के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने के लिए तैयार किया गया है. इसमें कहा गया है कि उन्हें संस्कृति को बनाए रखने का काम सौंपा गया है.
औपचारिक स्वीकृति और बदलाव
बर्कशायर का बोर्ड अब इस बात पर मतदान करेगा कि एबेल को नए सीईओ के रूप में औपचारिक रूप से स्वीकृति दी जाए या नहीं, जिनके 2025 के अंत में पदभार संभालने की उम्मीद है. ओमाहा में वार्षिक बैठक में बफेट ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वीकृति सर्वसम्मति से होगी.


भारत-जर्मनी संबंध होंगे और मजबूत, PM मोदी ने चांसलर के साथ सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा
बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
MP में सेवा संकल्प अभियान का बड़ा प्लान तैयार, अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपी गईं
‘हनुमान अंश’ की विदेशों में भी धूम, नॉर्थ अमेरिका में रिलीज से पहले ही करीब 1 करोड़ की कमाई
खुदरा खरीद से सोने की कीमतों में तेजी, तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को लेकर रखी सरकार की सोच, समृद्धि पर दिया जोर
बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 11 सितंबर से लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
नाबालिग लड़की के उत्पीड़न पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
सेबी प्रमुख का बड़ा बयान, एआई से बदल सकती है शेयर बाजारों के कामकाज की तस्वीर
‘टकराव नहीं, सहयोग जरूरी’, अंतरराष्ट्रीय मंच से PM मोदी ने दिया दुनिया को बड़ा संदेश
सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, भोपाल में 15 करोड़ की जमीन कराई अतिक्रमण मुक्त