'कर्मचारियों से माफी, पर मैं चोर नहीं', विजय माल्या ने किंगफिशर के पतन का ठीकरा 'प्रणब दा' पर फोड़ा!
लंदन में रह रहे भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर किंगफिशर एयरलाइंस की डूबने की कहानी पर बयान दिया है.किंगफिशर एयरलाइंस के डूबने को लेकर सालों से खामोश रहे विजय माल्या ने अब चुप्पी तोड़ते हुए एक बड़ा दावा किया है. यूके में निर्वासित जीवन जी रहे कारोबारी ने कहा कि जब उनकी एयरलाइन गंभीर वित्तीय संकट में थी, तब उन्होंने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई थी. लेकिन उस वक्त के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने न तो कोई जवाब दिया और न ही कोई सहयोग किया. माल्या ने कहा, “मैं इस बात के लिए माफी मांगता हूं कि किंगफिशर फेल हुई, लेकिन मैं चोर नहीं हूं.”
बच सकती थी एयरलाइन
उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के दौर में सरकार की खामोशी और बेरुखी ने उनकी एयरलाइन की मुश्किलें और बढ़ा दीं. माल्या का कहना है कि अगर समय पर सहयोग मिला होता या नेतृत्व से संवाद हुआ होता, तो शायद किंगफिशर एयरलाइंस को बचाया जा सकता था. उनके मुताबिक, उन्हें जानबूझकर चुप रहने को कहा गया और उनकी अपीलों की अनदेखी की गई.
एयरलाइन को सिस्टम में मारा
उन्होंने यह भी कहा कि एयरलाइन की विफलता सिर्फ बिजनेस की वजह से नहीं हुई, बल्कि यह राजनीतिक उपेक्षा का नतीजा थी. माल्या के अनुसार, किंगफिशर को सिस्टम ने ही मरने दिया.
माल्या ने बताया कि उन्हें किंग ऑफ गुड टाइम्स का टैग उन्होंने खुद नहीं दिया, बल्कि मीडिया ने गढ़ा. उन्होंने यूबी ग्रुप के तहत शराब, पेंट, फार्मा, रेसिंग, एयरलाइंस जैसे क्षेत्रों में बिजनेस बढ़ाया. बर्गर पेंट्स का अधिग्रहण किया और 1988 में वह भारत के पहले ग्लोबल उद्योगपतियों में से एक बन गए. 2005 में किंगफिशर एयरलाइंस शुरू की, जो भारत में पहली प्रीमियम एयरलाइन थी.
माल्या का दावा है कि उन्होंने हर लोन पर पर्सनल गारंटी दी थी. सरकार द्वारा 14,100 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि कर्ज लगभग 6,203 करोड़ रुपये ही था. पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि अगर मैंने बैंक को धोखा दिया होता, तो ये पैसा कहां से वसूल हो जाता? उन्होंने एयरलाइन के लिए लिए गए लोन को F1, RCB, और प्राइवेट लाइफ में खर्च करने के आरोपों को झूठा बताया. उनके मुताबिक F1 टीम ने उल्टा एयरलाइन को फंड ट्रांसफर किया था. चार बार सेटलमेंट ऑफर दिए, लेकिन बैंकों ने CBI के डर से ठुकरा दिए.
कितना है कर्ज
गौरतलब है कि विजय माल्या पर भारत में बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. वह वर्तमान में ब्रिटेन में हैं और भारत सरकार उनकी वापसी के लिए कानूनी कार्रवाई कर रही है.


हर घर नल-जल से बिराजपाली के ग्रामीणों को कठिनाईयों से मिली निजात
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF कांस्टेबल भर्ती विवाद: शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की
पारदर्शी आबकारी नीति से राजस्व में रिकॉर्ड उछाल, मोनोपाली टूटी
सीट बढ़ोतरी का असर: उत्तर भारत को फायदा, दक्षिण राज्यों में चिंता
‘रिश्वत मांगना ही नहीं, लेना भी पाप है’, हाईकोर्ट की डॉक्टर को चेतावनी