106 बच्चों के पिता हैं टेलीग्राम CEO पावेल दुरोव, कहा- 'सभी में समान रूप से बटेगी दौलत'
मैसेजिंग ऐप Telegram के संस्थापक पावेल ड्यूरोव ने खुलासा किया है कि उनके 100 से अधिक बच्चों को उनकी अरबों की संपत्ति बराबर रूप से दी जाएगी. फ्रांस की एक राजनीतिक मैगजीन Le Point को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि उनके मरने के बाद बच्चे आपस में लड़े, इसलिए सभी को एक जैसा हक मिलेगा. ड्यूरोव ने कहा कि अपनी 20 अरब डॉलर (तकरीबन 1.67 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति को सभी बच्चों में बराबर रूप में बांटेंगे.
100 से ज्यादा बच्चों के पिता हैं ड्यूरोव!
40 वर्षीय पावेल ड्यूरोव ने बताया कि वे आधिकारिक तौर पर तीन अलग-अलग महिलाओं से छह बच्चों के पिता हैं. लेकिन एक दोस्त की मदद के लिए 15 साल पहले उन्होंने जिस क्लिनिक में स्पर्म डोनेट किया था, वहां से मिली जानकारी के मुताबिक, उनकी वजह से अब तक 12 देशों में 100 से ज्यादा बच्चे जन्म ले चुके हैं. ड्यूरोव ने कहा कि उन्होंने पहले ही अपनी वसीयत बना दी है, लेकिन उनके बच्चों को विरासत में कुछ भी मिलने के लिए 30 साल का इंतजार करना होगा. उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि वे आम लोगों की तरह जिंदगी जिएं, खुद पर भरोसा करना सीखें और कुछ खुद बनाएं, न कि किसी बैंक अकाउंट पर निर्भर रहें.”
Telegram की वजह से बना दुश्मन
ड्यूरोव का कहना है कि उनका काम जोखिम से भरा है क्योंकि वे “स्वतंत्रता की रक्षा” करते हैं और इससे उनकी दुश्मनी कई ताकतवर सरकारों से हो चुकी है. Telegram की पहचान एक प्राइवेसी-फोकस्ड और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के तौर पर होती है, जिसे हर महीने 1 अरब से अधिक लोग इस्तेमाल करते हैं. फ्रांस में ड्यूरोव पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने Telegram पर आपराधिक गतिविधियों—जैसे ड्रग तस्करी, बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक कंटेंट और फ्रॉड को रोकने के लिए सही कदम नहीं उठाए.
इसके चलते उन्हें पिछले साल गिरफ्तार भी किया गया था. हालांकि, ड्यूरोव ने इन सभी आरोपों को “पूरी तरह बेतुका” बताया था.उन्होंने कहा, “अगर कोई अपराधी हमारी ऐप का इस्तेमाल करता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि ऐप चलाने वाला भी अपराधी है.” Telegram पहले भी कह चुका है कि वह कानूनी एजेंसियों के साथ सहयोग करता है और कंटेंट मॉडरेशन में लापरवाही के आरोप गलत हैं.
रूस से दुश्मनी, अब UAE में हैं बसे
पावेल ड्यूरोव रूस में जन्मे थे और VKontakte नाम की सोशल मीडिया साइट के संस्थापक थे. लेकिन 2014 में उन्होंने दावा किया था कि रूसी सरकार के सेंसरशिप के दबाव को मानने से इनकार करने के चलते उन्हें उस कंपनी से हटा दिया गया. उसके बाद उन्होंने Telegram की शुरुआत की, जो आज रूस में भी काफी पॉपुलर है. मौजूदा समय में ड्यूरोव दुबई में रहते हैं और उनके पास फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की नागरिकता है.
Telegram के बड़े-बड़े ग्रुप्स—जो 2 लाख लोगों तक के हो सकते हैं—की वजह से ऐप पर कट्टर विचारधाराएं, फेक न्यूज और अवैध कंटेंट फैलाने के आरोप लगते रहे हैं. ब्रिटेन में तो Telegram पर पिछले साल हुई हिंसक घटनाओं को संगठित करने का आरोप भी लगा था. हालांकि, कंपनी ने कुछ चैनल्स हटाए भी, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि दूसरे सोशल मीडिया ऐप्स की तुलना में Telegram की मॉडरेशन सिस्टम काफी कमजोर है.


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