दांत पत्थर जैसे मजबूत होते हैं, फिर भी क्यों लग जाता है कीड़ा?
क्या आप भी मीठे पकवान, चॉकलेट या मिठाइयों के शौकीन हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपको सचेत करने के लिए है। ज्यादा मीठा खाने से न सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ता है, मोटापा आता है या मेटाबॉलिज्म खराब होता है, बल्कि यह आपके दांतों को भी पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। अक्सर लोग समझते हैं कि दांत पत्थर की तरह बेहद मजबूत होते हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 3.5 अरब लोग ओरल हेल्थ (मुंह की बीमारियों) से परेशान हैं, जिनमें से लगभग 2.5 अरब लोग अकेले दांतों की सड़न (कैविटी) से जूझ रहे हैं।
आइए दंत रोग विशेषज्ञों (डेंटिस्ट) से समझते हैं कि आखिर मजबूत दिखने वाले दांतों में सड़न क्यों होती है और इसकी मुख्य वजहें क्या हैं:
कैसे शुरू होती है दांतों में सड़न?
विशेषज्ञों के अनुसार, दांत पत्थर के नहीं बल्कि इनेमल, डेंटिन, पल्प और सीमेंटम जैसी परतों से मिलकर बनते हैं। दांतों की सबसे ऊपरी और सुरक्षात्मक परत को 'इनेमल' कहा जाता है, जो शरीर का सबसे कठोर हिस्सा होती है। जब हम बार-बार मीठा खाते हैं या कोल्ड ड्रिंक पीते हैं और ठीक से कुल्ला नहीं करते, तो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया उस मलबे के साथ मिलकर एक खतरनाक एसिड बनाने लगते हैं। यही एसिड धीरे-धीरे इनेमल को गला देता है और दांतों में कीड़े या सड़न की शुरुआत हो जाती है।
दांतों को समय से पहले बूढ़ा और खराब करने वाली 4 आदतें
1. चॉकलेट, टॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का अत्यधिक शौक
अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के मुताबिक, कैविटी का सबसे बड़ा कारण शुगर वाले खाद्य पदार्थ हैं। जब बच्चे या बड़े कुकीज, मिठाई या चॉकलेट खाते हैं, तो उसके बारीक कण मसूड़ों और दांतों के कोनों में फंस जाते हैं। बैक्टीरिया इन कणों को शर्करा में तोड़कर एसिड रिलीज करते हैं, जो सीधे इनेमल पर हमला करता है।
2. रात को बिना ब्रश किए सो जाना
मुंह की सही तरीके से सफाई न करना दांतों का दुश्मन है। दिनभर खाना खाने के बाद यदि रात को ब्रश न किया जाए, तो भोजन के टुकड़े सड़ने लगते हैं और दांतों पर 'प्लाक' (एक पीली चिपचिपी परत) जमा हो जाती है। प्लाक बैक्टीरिया का घर बन जाता है, जो रातभर में दांतों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
3. दिनभर कुछ न कुछ चबाते रहने की आदत
कई लोगों को दिनभर 'स्नैकिंग' यानी कुछ न कुछ खाते रहने की आदत होती है। हर बार कुछ खाने पर मुंह में एसिड बनता है। वैसे तो हमारे मुंह की लार (सलाइवा) इस एसिड को कुदरती रूप से बेअसर करती है, लेकिन बार-बार खाते रहने से लार को अपना काम करने का समय ही नहीं मिलता और इनेमल लगातार डैमेज होता रहता है।
4. तंबाकू और धूम्रपान का सेवन
बीड़ी, सिगरेट या तंबाकू का सेवन सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं बल्कि ओरल हेल्थ को भी तबाह कर देता है। तंबाकू मुंह के अच्छे बैक्टीरिया को खत्म कर देता है और लार बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। लार कम बनने से मुंह सूखने लगता है और दांत बहुत तेजी से गलकर टूटने लगते हैं।
बचाव के लिए डेंटिस्ट की सलाह
दिन में दो बार (एक बार सुबह और एक बार रात को सोने से पहले) फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश जरूर करें।
कुछ भी मीठा या चिपचिपा खाने के बाद साफ पानी से अच्छी तरह कुल्ला (रिंस) करें।
फाइबर युक्त फल और सब्जियां खाएं, जिससे मुंह में लार का निर्माण सही तरीके से हो सके।


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