तमिलनाडु में ₹2,000 करोड़ के लैपटॉप प्रोजेक्ट से मिलेगी शिक्षा में डिजिटल पहुँच, छात्रों को मिलेगा तकनीकी सहारा
भारत में किसी एक निविदा के जरिये लैपटॉप की सबसे बड़ी खरीद के रूप में इसका स्वागत किया जा रहा है। इस निविदा का लक्ष्य तमिलनाडु में कॉलेजों के 10 लाख छात्रों को मुफ्त लैपटॉप उपलब्ध कराना है। सूत्रों के अनुसार देश के तकरीबन सभी प्रमुख मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) पहले ही इस निविदा में दिलचस्पी दिखा चुके हैं और राज्य सरकार के साथ कई दौर की बातचीत कर चुके हैं। इनमें डेल, एचपी, लेनोवो, एसर, आसुस और सैमसंग शामिल हैं।
इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और इंटेल जैसी उद्योग की दिग्गज कंपनियां भी इस निविदा प्रक्रिया से पहले राज्य के अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुकी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु (ईएलसीओटी) ने शुक्रवार को एक वैश्विक निविदा जारी की है। इसमें दो साल में लगभग 20 लाख लैपटॉप खरीदने की बात है। उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की हरी झंडी के बाद इस निविदा का पहला चरण अब जारी कर दिया गया है। इसमें 10 लाख लैपटॉप शामिल हैं।
इस घटनाक्रम से अवगत एक सरकारी सूत्र ने कहा, ‘यह भारत में लैपटॉप के लिए अब तक की सबसे बड़ी एकल निविदा है, क्योंकि ऐसे मामलों में खरीद का स्तर काफी कम था। अतीत में इसी तरह की परियोजनाएं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुदुच्चेरि और उत्तर प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों ने शुरू की थीं। हालांकि वे कई किस्तों में की गई थीं।’
खबरों के अनुसार राज्य प्रत्येक लैपटॉप को 20,000 रुपये की लागत पर खरीदने की योजना बना रहा है और कुल बजट 2,000 करोड़ रुपये है जिसे दो वर्षों में बराबर किस्तों में आवंटित किया जाएगा। लैपटॉप के स्पेसिफिकेशन में इंटेल कोर आई3 या एएमडी राइजेन के बराबर या उससे ऊपर का कोई भी प्रोसेसर, न्यूनतम 8 गीगाबाइट रैम, 14 इंच या 15.6 इंच का आकार और एक यूएसबी-सी टाइप पोर्ट शामिल है। कंपनियों को निविदा की वैधता के लिए करीब 1,00,000 लैपटॉप देने का वादा करना होगा और इस तरह के लैपटॉप का बाजार मूल्य लगभग 30,000 से 35,000 रुपये के दायरे में होना चाहिए। तकनीकी बोलियां जून के अंत तक खुलने की उम्मीद है।
सूत्र ने कहा, ‘हम भारत में तकरीबन सभी ओईएम, आपूर्ति श्रृंखला के भागीदारों और विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत कर चुके हैं। हमने उनके साथ चार से पांच दौर की चर्चा की है। जिनके साथ बातचीत की गई, उस सूची में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, डेल, एचपी, एसर, लेनोवो वगैरह शामिल हैं।’
सूत्र ने कहा, ‘साल 2011 से 20 के बीच हमने इसी तरह की खरीद की थी और उसमें सभी प्रमुख ओईएम ने हिस्सा लिया था। हमें इस साल भी इसी तरह की दिलचस्पी की उम्मीद है।’ अधिकारी ने कहा, ‘हम जून के अंत तक बोलियों को खोलेंगे। इसके बाद तकनीकी आकलन और बोली लगाने वालों के साथ बातचीत की जाएगी। फिर वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी।’ खबरों के मुताबिक साल 2012 से 15 के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 लाख लैपटॉप वितरित किए थे। इससे वह उस समय दुनिया में किसी भी सरकार द्वारा बनाई गई सबसे बड़ी वितरण योजनाओं में से एक बन गई थी।
तमिलनाडु सरकार के पास भी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों तथा कॉलेजों के छात्रों के लिए मुफ्त लैपटॉप योजना थी। साल 2011 और 2017 के बीच छह चरणों में इसकी आपूर्ति की गई थी। हालांकि खबरों से संकेत मिलता है कि उस दौरान करीब 38 लाख लैपटॉप खरीदे गए थे, लेकिन यह खरीद कई किस्तों में हुई थी।


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