शांति की राह पर मणिपुर, NH-2 खोलने पर सहमति
इम्फाल: केंद्र और मणिपुर सरकार ने गुरुवार को कुकी-जो काउंसिल (केजेडसी) के साथ एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत सभी पक्ष राज्य की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए एनएच-2 को खोलने पर सहमत हुए। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों और केजेडसी के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच पिछले कुछ दिनों में कई बैठकें हुईं। तीनों पक्षों ने मणिपुर में स्थायी शांति और स्थिरता लाने के लिए बातचीत के माध्यम से समाधान की आवश्यकता पर भी सहमति व्यक्त की। गृह मंत्रालय ने बताया कि केजेडसी ने राज्य के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले एनएच-2 पर शांति बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार की ओर से तैनात सुरक्षाबलों के साथ सहयोग का आश्वासन दिया है।
मणिपुर को नागालैंड और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों से जोडऩे वाला एनएच-2 मई 2023 से राज्य में भडक़े जातीय तनाव के कारण बंद हो गया था। एनएच को फिर से खोलने को हिंसा प्रभावित मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। इंफाल और नई दिल्ली, दोनों जगहों के अधिकारियों का मानना है कि आवश्यक सामानों की पहुंच आसान होने से विस्थापित परिवारों और राहत शिविरों में रह रहे नागरिकों की मुश्किलें कम होंगी। नए सिरे से की गई बातचीत के तहत शर्तों और नियमों को एक साल के लिए प्रभावी माना जाएगा।


राशिफल 2 अप्रैल 2026: ये राशि पाएंगी लाभ, ये राशि होंगे मुश्किलों का सामना
पीएम आवास योजना से बना ग्वालिन के सपनों का आशियाना
मध्यप्रदेश पुलिस की वाहन चोरों पर प्रभावी कार्यवाही
शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का बढ़ा आकर्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मायावती की चुनावी शुरुआत लखनऊ से, बीजेपी और सपा के बीच BSP के लिए चुनौतीपूर्ण रास्ता
हर घर नल-जल से बिराजपाली के ग्रामीणों को कठिनाईयों से मिली निजात
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव