केंद्र की बड़ी पहल: MCAD में शामिल हुए MP के सिंचाई प्रोजेक्ट
भोपाल। जलशक्ति मंत्रालय, जलसंसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग नई दिल्ली ने केन्द्रीय मंत्रिपरिषद द्वारा कमांड क्षेत्र विकास आधुनिकीकरण का प्रस्ताव केन्द्र प्रवर्तित उपयोजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत अनुमोदित किया है. मध्य प्रदेश की तीन परियोजनाओं को एमसीएडी फेस एक कार्यक्रम के तहत चुना गया है. इनका कार्यान्वयन सभी राज्यों में किया जाएगा।
एंपावर्ड कमेटी की दूसरी बैठक में मिली मंजूरी
इसके जरिए राज्य और जिला स्तरीय समिति बनाकर उपलब्ध जल के फसलों की सिंचाई के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार की जाएगी. आयुक्त जल शक्ति मंत्रालय जलसंसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण ने केन्द्र सरकार की एंपावर्ड कमेटी की द्वितीय बैठक में एमपी की तीन परियोजनाओं को एमसीएडी फेस एक के तहत कार्यान्वयन करने की मंजूरी दी है. राज्य शासन ने कमांड क्षेत्र विकास के आधुनिकीकरण (एमसीएडी) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई का गठन किया है. इसमें जल संसाधन विभाग के सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है. उनके अलावा जल संसाधन विभाग के कमांड क्षेत्र विकास आयुक्त, प्रमुख अभियंता, सदस्य अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण योजना से संबंधित मुख्य अभियंता जलसंसाधन, एनवीडीए, कृषि संचालक, उद्यानिकी संचालक, हाइड्रोलॉजी बोधी संचालक, सहभागिता सिचाई प्रबंधन संचालक, योजना से संबंधित अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन, एनबीडीए इसके सदस्य होंगे. मुख्य अभियंता जलसंसाधन विभाग इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।
कलेक्टर्स की अध्यक्षता में बनेगी जिला स्तरीय समितियां
कमांड क्षेत्र विकास आधुनिकीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति भी गठित की जाएगी. इस समिति में जिले के कलेक्टर अध्यक्ष होंगे. जलसंसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग के कार्यपालन यंत्री सदस्य सचिव होंगे।
सीईओ जिला पंचायत तथा कृषि, उद्यानिकी के उपसंचालक, जिला पंचायत सदस्य, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जल उपभोक्त सोसायटी के संबंधित सदस्य और महिला सदस्य इसके सदस्य बनाए जाएंगे।
कमांड क्षेत्र विकास के आधुनिकीकरण के लिए सामुदायिक सिचाई प्रणाली को लागू करवाया जाएगा. किसानों को उनकी सिचाई प्रणालियों के स्वामित्व लेने तथा सशक्त बनाने में मदद करने का काम यह समिति करेगी।
क्रियान्वयन हेतु इनोवेशन साल्यूशन को लागू करना होगा
राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई, राज्य स्तरीय संचालन समिति से प्राप्त नीतिगत निर्देशों और सुझावों के आधार पर योजना को क्रियान्वि कराएंगे।
राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई को मॉडल स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोजीजर बी-5 के अनुसार सिचाई के लिए उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग करने के लिए जल विज्ञान, इंजीनियरिंग तथा कृषि विशेषज्ञों के सहयोग से रुप रेखा तैयार करवाने तथा क्रियान्वयन हेतु इनोवेशन साल्युशन को लागू करना होगा।
किसानों की सहभागिता और क्षमता निर्माण का ध्यान रखना होगा. इसके अलावा किसानों के लिए जल प्रबंधन, मृदा संरक्षण और फसल विविधीकरण पर व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित कराए जाएंगे।


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