जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा — यह कानून असंवैधानिक
नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भ्रष्टाचार रोधी कानून पर एक लंबी और दिलचस्प बहस देखने को मिली। इस दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को रद्द करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह धारा असंवैधानिक है, इसे निरस्त किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी करप्शन के मामले में अथॉरिटी से मंजूरी लेने की बाध्यता भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने वाली है। ऐसी स्थिति में इस सेक्शन को रद्द किया जाना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने में देरी होती है। ऐसी स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि इस मामले की सुनवाई में बेंच ही बंटी नजर आई।बेंच में शामिल दूसरे जज केवी विश्वनाथन ने कहा कि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट की धारा 17A जरूरी है। इससे ईमानदार अधिकारियों को बचाने में मदद मिलती है। इस तरह बेंच का फैसला बंटा हुआ आया। अब इस मामले को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा। वह इस केस की सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच का गठन करेंगे। उस बेंच की ओर से आने वाला फैसला ही इस केस में अंतिम होगा। यह बेंच दो ही जजों की थी और उनकी राय अलग होने पर कोई अंतिम फैसला नहीं आ सका। ऐसी स्थिति में अब बड़ी बेंच का गठन होना है।
कब जोड़ी गई थी करप्शन ऐक्ट में यह धारा, जिस पर सवाल
दरअसल भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 में नई धारा 17A को 2018 में जोड़ा गया था। तब यह बताया गया था कि इसका उद्देश्य है कि अनावश्यक मामलों को रोका जाए और ईमानदार अधिकारियों को बेवजह कानूनी मसलों में फंसने से बचाया जाए। इसे ईमानदार अधिकारियों के लिए एक सुरक्षा कवच बताया गया था। हालांकि अब इस धारा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस केस में अंतिम फैसला क्या आता है। इस पर सभी की नजर रहेगी। बता दें कि जस्टिस बीवी नागरत्ना ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त लहजे में कहा कि यह सेक्शन ही असंवैधानिक है और इसे निरस्त किए जाने की जरूरत है।


बयानबाजी के बाद बढ़ी परेशानी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज हुआ नया मामला
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, असम में बाढ़ से 50 की मौत, हजारों घरों में ब्लैकआउट
इराक से वेस्ट बैंक तक हिंसा, धमाकों और गोलीबारी से फिर भड़का तनाव
बैठक खत्म, सहमति नहीं; कल फिर आमने-सामने होंगे सरकार और CJP
अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, 21 कर्मचारियों की नौकरी जाने पर बढ़ा विवाद
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, विवाहित बेटियों को भी मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार
समुद्र में शक्ति प्रदर्शन! चीन-फिलीपींस विवाद ने फिर बढ़ाया क्षेत्रीय तनाव
तृतीय सोपान एवं निपुण टेस्टिंग कैंप का आगाज, स्काउट्स-गाइड्स करेंगे हुनर का प्रदर्शन
प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सख्ती, इंटरनेट पर पाबंदी और मेट्रो सेवाएं प्रभावित
वकीलों की CJI से गुहार, पीएम आवास के पास प्रदर्शन पर जताई चिंता
फैन की दीवानगी देख हैरान हुईं काजल अग्रवाल, सालों बाद सुनाया दिलचस्प किस्सा
न्यूयॉर्क हमले की जांच तेज, नस्लीय नफरत से जुड़ा हो सकता है मामला
रेल यात्रियों को निशाना बनाने वाला बदमाश गिरफ्तार, जेवर और सामान बरामद