बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कर्मियों के लिए खुशखबरी
बिहार चुनाव से पहले EC का बड़ा फैसला: मतदान व मतगणना कर्मियों का मानदेय बढ़ा
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने मतदान और मतगणना से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। शुक्रवार (8 अगस्त) को आयोग ने घोषणा की कि पीठासीन अधिकारियों, मतदान अधिकारियों, मतगणना कर्मियों, माइक्रो ऑब्जर्वरों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, सीएपीएफ कर्मियों और सेक्टर अधिकारियों को अब पहले से ज्यादा मानदेय मिलेगा। भोजन और जलपान की दरों में भी वृद्धि की गई है।
नया मानदेय इस प्रकार है: पीठासीन अधिकारी: पहले ₹350 प्रतिदिन, अब ₹500 प्रतिदिन (₹150 की वृद्धि), पॉलिंग ऑफिसर: पहले ₹250 प्रतिदिन, अब ₹400 प्रतिदिन (₹150 की वृद्धि) ,काउंटिंग असिस्टेंट: पहले ₹250 प्रतिदिन, अब ₹450 प्रतिदिन (₹200 की वृद्धि), चौथी श्रेणी कर्मचारी: पहले ₹200 प्रतिदिन, अब ₹1000 एकमुश्त चुनाव आयोग का कहना है कि यह निर्णय चुनावी ड्यूटी करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहित करने और उनके कार्य की महत्ता को मान्यता देने के लिए लिया गया है।


राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (15 फ़रवरी 2026)
बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बहनों को प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
दस साल में तीन शादियां रचाने वाला IAS अफ़सर, दिल फेक अफसर के चर्चे, पत्नियां भी तीनों आईएएस
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
विकास का दम: छिंदवाड़ा ने बनाई अलग पहचान, पीएम की गुड लिस्ट में पहला स्थान
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?