राशन संकट पर भड़के लोग, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
जबलपुर। राशन वितरण को लेकर की जा रही अनियमितताओं से अब कार्डधारी आक्रोशित हो गए है। कार्डधारियों ने आज खाली बोरियां लेकर कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन कर नारेबाजी की है। इस दौरान अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर वितरण प्रणाली सुधारने की मांग की है। इस मौके पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि अप्रैल का राशन वितरण 30 अप्रैल तक होना था, लेकिन इसे 15 अप्रैल तक ही बांटा गया। 16 अप्रैल से वितरण अचानक बंद कर दिया गया। इस कारण जिले के 32 हजार से अधिक कार्डधारक राशन से वंचित रह गए। उन्होंने कहा कि डेढ़ से दो लाख हितग्राही प्रभावित हुए हैं, जिन्हें समय पर अनाज नहीं मिल पाया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की योजनाओं में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि राशन केवल 15 तारीख तक ही वितरित किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अप्रैल में अचानक एक नया आदेश जारी किया गया, जिसमें मई और जून का राशन भी अप्रैल में ही वितरित करने की बात कही गई। जबकि खुद अप्रैल का राशन ही हजारों लोगों को नहीं मिल पाया था। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि अप्रैल का शेष राशन तत्काल वितरित किया जाए और मई-जून का राशन अपने निर्धारित समय पर ही दिया जाए, ताकि हितग्राहियों को राहत मिल सके।


11 यूरोपीय पर्यटकों के साथ नाव लापता, इंडोनेशिया में युद्धस्तर पर तलाश अभियान
राहुल गांधी का सरकार पर दबाव, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत रखी तीन मांगें
शराबी ने पुलिस की बोलेरो से मचाई तबाही, आठ लोगों को कुचलने के बाद बड़ा खुलासा
रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा, RPF पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर शख्स ने किया प्रदर्शन
मनोज मुंतशिर का बड़ा खुलासा, बोले- 'आदिपुरुष' मेरी जिंदगी का सबसे गलत फैसला था
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर चिंता के संकेत, नाबार्ड रिपोर्ट में आय और भविष्य के भरोसे में गिरावट
शेखर सुमन ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज, भावुक बयान से सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा
वाहन खरीद-बिक्री और जमीन दलाली के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, करोड़ों की ठगी का खुलासा
₹88 करोड़ की ठगी का आरोपी गिरफ्त में, यूएई से भारत पहुंचा मास्टरमाइंड अविनाश राठौड़
वाराणसी में क्रूरता की इंतहा, चाकू के वार से रॉटविलर की मौत, पिटबुल अस्पताल में भर्ती
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश, दागी वकीलों के मुकदमे अब कानपुर नहीं, उन्नाव में चलेंगे
राहुल हादसे में मौत के बाद परिजनों का सवाल, अवैध ब्रेकर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
H-1B वीजा पर नई सियासत, अमेरिकी सीनेट के बिल से भारतीय प्रोफेशनल्स की नजरें टिकीं