विधानसभा स्तर पर सक्रिय होंगे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब, मांगी रिपोर्ट
अलीगढ़। जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर जिले में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर संचालित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब को पुनर्जीवित एवं सशक्त बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस संबंध में उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, एनआईसी और स्वीप समन्वयकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में गठित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों की स्थिति का विधानसभा क्षेत्रवार विवरण तैयार किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संचालित स्कूल एवं कॉलेज स्तर के ईएलसी की संख्या, कुल सदस्य संख्या, समन्वयक का नाम और क्लबों के सोशल मीडिया अकाउंट संचालित होने की जानकारी एकत्रित की जाएगी। जिले की सातों विधानसभा सीटों खैर, बरौली, अतरौली, छर्रा, कोल, अलीगढ़ एवं इगलास के लिए पृथक विवरण उपलब्ध कराया जाएगा। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य युवाओं एवं नए मतदाताओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदान के महत्व एवं निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर सभी शिक्षण संस्थानों तक जानकारी पहुंचाने और निर्धारित प्रारूप पर सूचना ई-मेल के माध्यम से 8 जून को अपराह्न 12 बजे तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि समेकित रिपोर्ट समय से मुख्यालय को भेजी जा सके।


राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जश्न में फायरिंग पड़ी भारी, बिहार में BJP विधायक को कोर्ट ने सुनाई सजा
गुजरात में पीएम मोदी बोले- सेमीकंडक्टर सेक्टर में दुनिया का भरोसा जीत रहा भारत
चंदौसी: शिक्षिका की मौत के बाद वकील पर FIR, सुसाइड नोट बना अहम सबूत
जनता को जल्द इंसाफ दिलाने की दिशा में बिहार सरकार का अहम निर्णय
जमीन विवाद में गर्भवती महिला पर हमले से दो अजन्मे बच्चों की मौत, इलाके में आक्रोश
बटाला फायरिंग केस: धमकी और गोलियों से दहला इलाका, जांच जारी
कथित चंदा चोरी केस में बड़ा खुलासा: चार्टर्ड प्लेन से सिंडिकेट के आका, ट्रेन से ले जाया गया रामलला का सोना!
मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान: 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा संसद का सत्र
क्या कानून बचा सकता है एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर के आरोपी पति को? सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला