संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का स्मारक बना राजनीति का केंद्र
भाजपा के राजनेता राजेश वानखेड़े पर फर्जी समिती और फर्जी अध्यक्ष बनाने के आरोप,
राष्ट्रीय स्मारक में अपने भाई भतीजों रिश्तेदारों को फर्जी सदस्यता बांटने और गंभीर अनियमितता के मामले में उच्य न्यायालय ने पंजीयक भोपाल को दिए है जॉच कार्यवाही हेतु सुनवाई के आदेश,
राजेश वानखेड़े ने जांच नहीं करने के लिए लगाई थी, आपत्ति। जिसे पंजीयक भोपाल ने खारिज कर 26 मार्च को सुनवाई तय की
इंदौर। संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नगर (महू) स्थित भीम जन्मभूमि स्मारक विवाद में माननीय हाईकोर्ट खंडपीठ इंदौर ने 3 नवंबर 2025 को धारा 32 और नियम 21 के तहत कार्यवाही के आदेश उपसचिव (उद्योग), पंजीयक भोपाल एवं सक्षम प्राधिकारी को जारी किए थे। उक्त आदेश के अनुपालन में पंजीयक, भोपाल के समक्ष जारी सुनवाई में समिति के कथित सचिव राजेश वानखेड़े ने समिति की जांच नहीं करने और आवेदकों के प्रकरण को खारिज करने हेतु आपत्ति लगाई थी। जिसको पंजीयक भोपाल ने खारिज करते हुए गुण–दोषों के आधार पर ही प्रकरण के निराकरण करने को योग्य बताया। जिससे अब नकली बहुमत बनाने के लिए अपने भाई भतीजों रिश्तेदारों और करीबियों को फर्जी सदस्यता बांटने के विवाद में वैध सदस्यों द्वारा की जा रही जांच और रिकॉर्ड जब्ती की मांग का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।

प्रकरण की अगली सुनवाई अब दो दिन बाद 26, मार्च को होनी है, संभवता फर्जी सदस्यों को लेकर बनाई गई समिति की पोल खुल सकती है। भीम जन्मभूमी के राजू कुमार अंबोरे ने बताया की राजेश वानखेड़े ने समिति दस्तावेजों में जालसाजी, हेराफेरी और फर्जीवाड़ा करते हुए अवैध कब्जा किया है, जिसकी बहुत जल्द पोल खुलने वाली है। शासन प्रशासन के अधिकारियों की कागजी मजबूरी का सहारा लेकर राष्ट्रीय महत्व के स्मारक समिति में अपने भाई भतीजों रिश्तेदारों को अवैध सदस्यता देकर फर्जी अध्यक्ष भी बनाया है, जिसके पुख्ता सबूत मौजूद है और जिसे नियमानुसार कार्यवाही के अभाव में जारी किया जाएगा।



गौरतलब हैं कि इसी फर्जी समिति और गंभीर अनियमितता की जांच को लेकर उच्च न्यायालय ने पंजीयक भोपाल को जॉच के आदेश दिए है, जिसकी सुनवाई 26 , मार्च को की जायेगी। इसी दौरान वैध सदस्यों ने अपना दावा मजबूत करते हुए इंदौर जिला कलेक्टर से मुलाकात कर अंतिम निर्णय आने तक 14 अप्रैल के आयोजन से अवैध कब्जाधारियों को दूर रखने की मांग की है। प्रकाश वानखेड़े उर्फ भंते प्रज्ञाशील की अगुवाई में भीम जयंती के राष्ट्रीय आयोजन में शामिल होने के अपने दावे को मजबूती से रखा और राष्ट्रीय समिति में जालसाजी, फर्जीवाड़े, हेराफेरी, गंभीर आर्थिक अनियमितता कर नकली बहुमत बनाने से संबंधित तथ्यों से अवगत कराया। अगुवाई कर रहे भंते प्रज्ञाशील उर्फ प्रकाश वानखेड़े ने जिला प्रशासन से अंतिम निर्णय आने तक समाज के व्यापक विरोध को देखते हुए भीम जयंती के गरिमामय आयोजन से राजेश वानखेड़े और उसके साथियों को दूर रखने की भी मांग करते हुए स्मारक पर चार दिवसीय कार्यक्रम को अवैध सदस्यों और फर्जी अध्यक्ष सचिव द्वारा घोषित कार्यक्रम बताया। इस अवसर पर राजेंद्र वाघमारे, डॉ. शीला दांडगे, सुदेश बागड़े, एड. प्रकाश निकडे, सुनील खंडेराव, राहुल हिवरे, कुणाल वाकोड़े, स्नेहलता कर्डक, अभय वासनिक सहित समिति सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


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