फर्जी निवेश सलाह से बचें, सुरक्षित विकल्प है SEBI रजिस्टर्ड एडवाइज़र
व्यापार: सोशल मीडिया जानकारी साझा करने के साथ निवेश की दुनिया में भी बड़ा असर डाल रहा है। फेसबुक, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर हजारों ग्रुप और चैनल निवेशकों को बाजार में मोटे मुनाफे का सपना दिखा रहे हैं। खुद को ‘स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट’ या ‘रिसर्च एनालिस्ट’ बताने वाले सलाह के नाम पर निवेशकों को लुभाते हैं। फिर मोटे मुनाफे का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठ लेते हैं। सोशल मीडिया पर ठग खुद को मार्केट एक्सपर्ट, ब्रोकर या सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट बताकर ग्रुप बनाते हैं। वे निवेशकों को ग्रुप में जोड़कर फ्री टिप्स देते हैं। शुरुआती दौर में छोटी-छोटी सफलता दिखाकर भरोसा जीतते हैं। विश्वास बढ़ने पर निवेशकों को प्रीमियम ग्रुप में शामिल होने या सीधे निवेश करने का लालच दिया जाता है। यहां मोटे मुनाफे की गारंटी का दावा किया जाता है।
मोटी कमाई के लालच में न आएं
बाजार में लंबे समय में ही अनुशासन और सही रणनीति से प्रॉफिट कमाया जा सकता है। लेकिन सोशल मीडिया पर सक्रिय ठग एक-दो हफ्ते में पूंजी दोगुनी होने का लालच देते हैं। बाजार की चाल कई आर्थिक, वैश्विक और राजनीतिक कारकों पर निर्भर करती है। निवेशक जब मोटे मुनाफे की चाह में समझदारी छोड़ देते हैं, तब वे ठगी का शिकार हो जाते हैं।
अगर फंस जाएं तो ये कदम उठाएं
कोई निवेशक ऐसे जाल में फंस जाए तो पहले संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराए। साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) व पुलिस स्टेशन में शिकायत करें। सेबी के हेल्पलाइन नंबर 18002667575 और स्कोर्स प्लेटफॉर्म पर भी रिपोर्ट दर्ज कराएं। किसी भी ट्रांजेक्शन या चैट का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। बाजार में निवेश व निवेश के मंत्र सीखना, दोनों अलग प्रक्रियाएं हैं। शिक्षा का मतलब बाजार की समझ बढ़ाना। रिस्क का आकलन करना व वित्तीय लक्ष्यों को तय करना। जब लोग सीखने और निवेश करने की प्रक्रिया को मर्ज कर लेते हैं, तो वे ठगी का शिकार बन जाते हैं।
ठगी से ऐसे बचें
- रिसर्च एनालिस्ट या एडवाइजर के सेबी रजिस्ट्रेशन की जांच करें।
- गारंटीड रिटर्न का वादा हो तो समझ लें कि यह ठगी का जाल है।
- शेयर खरीद-बिक्री मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज और पंजीकृत ब्रोकर के जरिये ही करें।
- किसी भी अनजान ग्रुप या चैनल में बैंक डिटेल, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी न दें।
- निवेश अपनी रिस्क प्रोफाइल और वित्तीय लक्ष्य के आधार पर करें, न कि दूसरों के कहने पर।
कोई तय रिटर्न का लालच दे रहा है, तो यह ठगी का जाल है। सोशल मीडिया पर एक्टिव कुछ लोग दागी कंपनियों और ऑपरेटर्स से मिले होते हैं जो पैनी स्टॉक्स में मुनाफे का झांसा देकर निकल जाते हैं। डॉ. रवि सिंह रिसर्च हेड- रिटेल, रेलिगेयर ब्रोकिंग


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