इनसाइडर ट्रेडिंग पर नजर, सेबी प्रमुख बोले– बैंक मजबूत करें गवर्नेंस और कंप्लायंस
व्यापार: इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने के लिए बने नियमों का पालन करना बैंक प्रबंधन की नैतिक जिम्मेदारी है। बैंकों की ओर से ऐसे उल्लंघनों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए आंतरिक नियंत्रण को भी मजबूत करने की जरूरत है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को यह बात कही।
सेबी प्रमुख ने सूचीबद्ध बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से कहा, "इनसाइडर ट्रेडिंग का जोखिम वहां पनपता है, जहां नियंत्रण कमजोर होता है, जहां प्रक्रियाएं अस्पष्ट होती हैं, जिम्मेदारियां तय नहीं होती हैं, और निगरानी सही ढंग से नहीं होती है।" उन्होंने कहा कि कमजोर नियंत्रण कई तरक की धोखाधड़ी के पीछे का प्रमुख कारण होता है।
इंडसइंड बैंक में इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़े मामले के बाद सेबी प्रमुख का बड़ा बयान
सेबी प्रमुख का यह बयान जून में नियामक की ओर से इंडसइंड बैंक के कुछ शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग मानदंडों के उल्लंघन के लिए जारी किए गए अंतरिम आदेश की पृष्ठभूमि में आया है। नियामक की जांच में पता चला था कि बैंक के एमडी व सीईओ और डिप्टी सीईओ सहित कुछ सीनियर अधिकारियों ने कथित तौर पर इंडसइंड बैंक के शेयरों में कारोबार किया। इस दौरान उनके पास बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो के खाता शेष में विसंगतियों से जुड़ी अप्रकाशित व कीमतों के प्रति संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) मौजूद थी।
कीमतों को प्रभावित करने वाली सूचनाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दें बैंक
सेबी प्रमुख ने बैंकों से कहा कि वे यूपीएसआई (Unpublished Price-Sensitive Information) की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी दी कि बैठकों या ईमेल के जरिए की गई अनौपचारिक या अनौपचारिक जानकारी भी गंभीर उल्लंघन मानी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "एक भी लीक कुछ ही सेकंड में डिजिटल नेटवर्क पर फैल सकती है और ऐसी स्थिति में स्टॉक की कीमतों, निवेशकों के विश्वास या आपके बैंक की प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई करने का कोई तरीका नहीं है।"
बैंकों के पास बाजार में दोहरी जिम्मेदारी: सेबी प्रमुख
पांडेय ने बैंकों को यह भी याद दिलाया कि वे दोहरी जिम्मेदारी निभाते हैं। एक तो वे स्वयं सूचीबद्ध संस्थाओं के रूप में बाजार से जुड़े हैं और दूसरी तरफ अन्य सूचीबद्ध कंपनियों की संवेदनशील जानकारी के भी वे संरक्षक हैं। पांडे ने कहा कि भेदिया व्यापार निषेध (पीआईटी) के अंतर्गत अनुपालन अधिकारी की भूमिका होनी चाहिए। नियमों का अनुपालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है। सेबी प्रमुख ने जोर देकर कहा कि यह भूमिका कभी भी प्रतीकात्मक नहीं होनी चाहिए। बोर्डों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अनुपालन अधिकारियों को अधिकार, प्रशिक्षण, उपकरण और नेतृत्व से स्पष्ट समर्थन प्राप्त हो ताकि वे नियमों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनुपालन अधिकारी की निगरानी को कभी नजरअंदाज न करें।"
मजबूत अनुपालन के लिए तकनीक का लाभ उठाएं बैंक: तुहिन कांत
पांडे ने बैंकों से मजबूत अनुपालन के लिए तकनीक का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वचालित ट्रेडिंग विंडो प्रबंधन, केंद्रीकृत पूर्व-मंजूरी और प्रकटीकरण पोर्टल, और डिजिटल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन प्लेटफ़ॉर्म, अनुपालन जोखिमों को काफ़ी हद तक कम कर सकते हैं। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि संवेदनशील अवधियों के दौरान ट्रेडों की निगरानी के लिए तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे उपायों से अनुपालन टीमों पर बोझ कम होगा।


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