इंफोसिस ने प्रमोटर्स को दिए ₹2330 करोड़, नारायण मूर्ति के पोते एकाग्र को भी मिला मोटा हिस्सा
इंफोसिस के प्रमोटर्स और उनके परिवार के सदस्यों को कंपनी की तरक्की का काफी फायदा मिल रहा है. कंपनी में प्रमोटर्स की 14.6% हिस्सेदारी है, जिससे उन्हें बड़ा डिविडेंड मिलता है. इंफोसिस के ताजा डिविडेंड पेमेंट से प्रमोटर्स को 2,330 करोड़ रुपये मिले है. यह बड़ा डिविडेंड पेमेंट कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ और शेयरहोल्डर्स के प्रति कंपनी के रुख को दर्शाता है.
प्रमोटर्स के पास कितने शेयर्स
इंफोसिस के प्रमोटर्स के पास कुल 54.2 करोड़ शेयर हैं जो कंपनी के कुल शेयर्स का लगभग 14.6% हिस्सा हैं. इस बड़ी हिस्सेदारी का नतीजा ये हुआ कि जब कंपनी ने हाल ही में 43 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की तो अकेले प्रमोटर्स के हिस्से 2,330 करोड़ की कमाई आई है.
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इंफोसिस ने कुल 43 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है जिसमें 21 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी शामिल है. यह पेमेंट पिछले साल के 1,527 करोड़ रुपये के डिविडेंड से 52% अधिक है.
इंफोसिस के दिग्गजों को कितना मिला
- इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणि के पास 4 करोड़ शेयर हैं. उन्हें इस बार डिविडेंड से 175 करोड़ रुपये की कमाई हुई.
- कंपनी के को-फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति 1.5 करोड़ शेयरों के साथ 65 करोड़ रुपये के डिविडेंड के हकदार बने.
- वहीं, अन्य प्रमोटर्स में क्रिस गोपालकृष्णन के पास करीब 3.2 करोड़ शेयर हैं, जिन पर उन्हें 137 करोड़ का डिविडेंड मिला.
- सबसे बड़ी व्यक्तिगत हिस्सेदारी सुधा गोपालकृष्णन के पास है. उनके पास 9.5 करोड़ शेयर हैं, जिससे उन्होंने 410 करोड़ की भारी भरकम कमाई की.
दिग्गजों के बच्चों को भी मिले करोड़ों
- नारायण मूर्ति के बेटे रोहन मूर्ति के पास 6 करोड़ शेयर हैं, जिनसे उन्हें 261.5 करोड़ का डिविडेंड मिला.
- वहीं उनकी बहन ब्रिटेन के पूर्व पीएम ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति के पास 3.8 करोड़ शेयर हैं, जिससे उन्हें 167 करोड़ का डिविडेंड मिला.
- तीसरी पीढ़ी के सदस्यों के पास भी शेयर्स हैं, इनमें निकिता और मिलन शिबुलाल मंचंदा दोनों को 26.3 करोड़ का डिविडेंड मिला.
- तनुश नीलेकणि चंद्रा को 14 करोड़
- नारायण मूर्ति के पोते और सबसे युवा शेयरहोल्डर एकाग्र रोहन मूर्ति को 6.5 करोड़ का डिविडेंड मिला.


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