सी बी ओ ए का सराहनीय सामाजिक सरोकार – शिक्षा से रोशन हुआ नालचा का भविष्य
धार। केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (CBOA) के जनरल सेक्रेटरी श्री के. रवि कुमार जी ने केन पाल के बैनर तले धार जिले के नालचा ग्राम स्थित एक स्कूल शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय कागदीपुरा में छोटे-छोटे बच्चों को अध्ययन सामग्री और खेल का सामान भेंट कर एक प्रेरणादायक पहल की। यह केवल सामग्री का वितरण नहीं था, बल्कि उन नन्हे सपनों में विश्वास और आत्मविश्वास भरने का एक सशक्त प्रयास था। इस सामाजिक कार्य में सी बी ओ ए के वाइस प्रेसिडेंट श्री के. के. त्रिपाठी जी, स्कूल के प्रिंसिपल सुभाष यादव, सीबीओ ए के मनीष चतुर्वेदी, राहुल सोनी, कुणाल गावड़े, अंकुश, नीरज सोनी, शिव परवानी और कृष्णगोपाल जी तथा केनरा बैंक नालछा शाखा से कौशल सिंह की सक्रिय सहभागिता रही। सभी साथियों ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।


श्री के. रवि कुमार जी ने कहा कि “जब हम बच्चों के हाथ में किताब और दिल में हौसला देते हैं, तब एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखी जाती है।” सी बी ओ ए का यह प्रयास यह संदेश देता है कि संगठन केवल बैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निभा रहा है। नालचा ग्राम के बच्चों की मुस्कान ने साबित कर दिया कि सेवा का हर छोटा कदम भी भविष्य को रोशन कर सकता है।


हर घर नल-जल से बिराजपाली के ग्रामीणों को कठिनाईयों से मिली निजात
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF कांस्टेबल भर्ती विवाद: शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की
पारदर्शी आबकारी नीति से राजस्व में रिकॉर्ड उछाल, मोनोपाली टूटी
सीट बढ़ोतरी का असर: उत्तर भारत को फायदा, दक्षिण राज्यों में चिंता
‘रिश्वत मांगना ही नहीं, लेना भी पाप है’, हाईकोर्ट की डॉक्टर को चेतावनी