BJP ने कहा—लोकतंत्र की प्रक्रिया पर भरोसा जरूरी
पश्चिम बंगाल चुनाव: ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, मतगणना में केंद्रीय कर्मियों की तैनाती पर रोक से इनकार
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ा कानूनी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना प्रक्रिया में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती के चुनाव आयोग (EC) के आदेश में दखल देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब 4 मई को होने वाली मतगणना चुनाव आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की विशेष पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को मतगणना कर्मियों के चयन का पूर्ण अधिकार है। अदालत ने कहा कि 13 अप्रैल को जारी आयोग का आदेश किसी भी तरह से गलत नहीं है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी टीएमसी की याचिका को खारिज कर दिया था।
अमित मालवीय का पलटवार: "निष्पक्षता की जीत"
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस फैसले को ममता बनर्जी के लिए एक और न्यायिक हार बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा:
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यह फैसला उन लोगों के लिए 'स्पष्ट संदेश' है जो चुनावी प्रक्रिया की शुचिता पर शक पैदा करने की कोशिश करते हैं।
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राज्य सरकार के कर्मचारियों को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी से बाहर रखने के फैसले को चुनौती देना असल में प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश थी।
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शीर्ष अदालत का यह रुख चुनाव की निष्पक्षता को बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम है।
चुनाव आयोग का तर्क
चुनाव आयोग ने अदालत को आश्वस्त किया कि मतगणना के दौरान केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों का संतुलित मिश्रण (Mix) होगा। आयोग ने टीएमसी द्वारा जताई गई धांधली की आशंकाओं को निराधार बताते हुए कहा कि सर्कुलर का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
4 मई को आएंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में मतदान संपन्न हो चुका है। अब सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अब यह साफ हो गया है कि सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजामों के बीच ही मतों की गिनती की जाएगी।
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कलकत्ता हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी टीएमसी की याचिका खारिज की।
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मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय कर्मियों की तैनाती का रास्ता साफ।
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4 मई को होगा बंगाल की नई सरकार का फैसला।


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