उज्जैन:अघोर अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु नाथ खड़ेश्वरी महाराज ने अघोर परंपरा और सनातन धर्म की मर्यादा को लेकर एक महिला अघोरी के कथित कृत्यों पर गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के कृत्य न केवल धर्म के खिलाफ हैं, बल्कि इनसे संत समाज की छवि भी धूमिल हो रही है।

शव से छेड़छाड़ और मांस भक्षण का खंडन

खड़ेश्वरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म या अघोर साधना में किसी भी मृत शरीर के साथ तोड़फोड़ करने, तलवार से क्रिया करने या मनुष्य का मांस खाने जैसी कुप्रथाओं का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने इस तरह के कृत्यों को पूरी तरह अधार्मिक बताते हुए कहा कि इससे समाज में अघोर पंथ को लेकर भ्रामक और गलत संदेश जा रहा है।

कार्रवाई की मांग और सोशल मीडिया पर प्रदर्शन की निंदा

किन्नर अखाड़े से जुड़ी काली नंद गिरी के इस आचरण पर नाराजगी जताते हुए महाराज ने उनके खिलाफ सख्त कानूनी और धार्मिक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी चेताया कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो संत समाज कड़ा रुख अपनाने को बाध्य होगा। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अघोर साधनाएं बेहद गोपनीय होती हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करना पूरी तरह अनुचित है।