अब स्लीपर कोच में भी मिलेगा बेडरोल, दुर्ग की 10 ट्रेनों में लागू होगी नई सुविधा, जानें पूरी डिटेल
रायपुर | अब स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द राहत मिलने वाली है. रायपुर रेलवे मंडल 6 अप्रैल से स्लीपर कोच में चादर और तकिया (बेडरोल) की सुविधा शुरू करने जा रहा है. इसके लिए रेलवे ने दुर्ग से चलने वाली 10 प्राइमरी ट्रेनों के लिए पांच साल का टेंडर जारी कर दिया है.
स्लीपर कोच में भी मिलेगा बेडरोल, इन 10 ट्रेनों में होगी शुरुआत
पहले चरण में 6 अप्रैल से दुर्ग-अंबिकापुर और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में यह सुविधा शुरू की जाएगी। 10 अप्रैल तक दुर्ग से चलने वाली सभी ट्रेनों में यह सुविधा मिलने लगेगी. यात्रियों को इस सुविधा के लिए अलग से भुगतान करना होगा. इसके लिए 70 रुपए चार्ज किया जाएगा। इसमें 2 चादर, 1 तकिया, 1 कवर होगा.
पहले नहीं था सुविधा
अब तक स्लीपर कोच में बेडरोल देने की सुविधा नहीं थी. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस नई सुविधा से स्लीपर कोच में लंबी दूरी तक सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी. बेडरोल देने से पहले एजेंसी यात्री का पीएनआर और बर्थ क्रमांक नोट करेगी, उसके बाद बेडरोल देगी. बेडरोल रखने के लिए रेलवे, ठेका एजेंसी को प्रत्येक ट्रेन में दो बर्थ देगा. एजेंसी ने इसके लिए कोच क्रमांक एस-4 या 3 की डिमांड की है.
रखरखाव और चोरी रोकना बड़ी चुनौती
रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती बेडरोल के रखरखाव और चोरी को रोकने की होगी. वर्तमान में एसी कोच में एक अटेंडर के जिम्मे दो-दो कोच की जिम्मेदारी है, जिससे बेडरोल की निगरानी करना मुश्किल हो जाता है. रात के समय यात्री बीच-बीच में स्टेशनों पर उतरते रहते हैं, जिससे चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं. स्लीपर कोच में यह सुविधा शुरू होने पर बेडरोल रखने की जगह, अतिरिक्त अटेंडर की नियुक्ति करना भी रेलवे के लिए चुनौतीपूर्ण होगी.


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