ट्रंप ने दिया शांति का संकेत, होर्मुज पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने पर भी युद्ध स्थगित
वाशिंगटन। ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप अब इस सैन्य संघर्ष को खत्म करने के लिए तैयार दिख रहे हैं, भले ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) पूरी तरह से दोबारा न खुले। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के बयानों से यह स्पष्ट हुआ है कि इस अहम तेल मार्ग को तत्काल खोलना अब अमेरिकी जीत के लिए अनिवार्य शर्त नहीं माना जा रहा है। ट्रंप ने अपने करीबियों और सहयोगियों से चर्चा के दौरान संकेत दिए हैं कि युद्ध की प्राथमिकताओं को अब नए सिरे से परिभाषित किया गया है।
कुछ समय पहले तक अमेरिका के लिए होर्मुज जलमार्ग को मुक्त कराना एक शीर्ष प्राथमिकता थी, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग की घेराबंदी के कारण वैश्विक बाजार में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है और कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। इसके बावजूद, ट्रंप प्रशासन अब इस लक्ष्य से पीछे हटता नजर आ रहा है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य लक्ष्यों को बदल दिया है। अब ट्रंप का मानना है कि यदि ईरान की समग्र सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया जाता है, तो इसे ही एक बड़ी सफलता के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
अमेरिका का नया फोकस अब तीन मुख्य लक्ष्यों पर केंद्रित है- पहला, ईरान की नौसैनिक क्षमता को इस स्तर तक नुकसान पहुँचाना कि वह भविष्य में चुनौती न दे सके, दूसरा, उसकी मिसाइल शक्ति को कम करना और तीसरा, भविष्य में समुद्री रास्तों को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को पूरी तरह घटाना। अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति के बाद युद्ध को धीरे-धीरे समाप्त किया जा सकता है। ट्रंप प्रशासन अब सीधे और लंबे सैन्य अभियान के बजाय कूटनीतिक दबाव और रणनीतिक प्रहारों के जरिए ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित करना एक अत्यंत जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है। इसके लिए समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाना और तेल टैंकरों को निरंतर सुरक्षा प्रदान करना होगा, जिससे युद्ध लंबे समय तक खिंच सकता है।


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