अमित शाह का दावा: दस साल में 1.25 लाख एकड़ भूमि घुसपैठियों से मुक्त, बिगड़े हालात की जिम्मेदारी कांग्रेस पर
गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम के धेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अशोक सिंघल के समर्थन में प्रचार किया। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि आगामी असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन दें, ताकि राज्य को घुसपैठियों से मुक्त किया जा सके और स्थायी शांति व विकास सुनिश्चित हो सके। सोनितपुर में रैली को संबोधित करते हुए शाह ने पिछले दशक में असम में भाजपा की उपलब्धियों का जिक्र किया और आगामी विधानसभा चुनाव में समर्थन की अपील की। अमित शाह ने कहा कि असम में 11 दिनों में चुनाव होने वाले हैं। आपको यह नहीं सोचना है कि आप हिमंता बिस्वा को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दे रहे हैं।
आपको असम को घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए वोट देना है। आपको शांतिपूर्ण और विकसित असम बनाने के लिए वोट देना है। इस चुनाव में एक तरफ भाजपा है, जिसने 10 वर्षों में असम को आतंकवाद मुक्त बनाया है। यही वह असम है, जहां कांग्रेस के शासन में गोलीबारी और बम विस्फोट होते थे और सैकड़ों युवा मारे जाते थे। अमित शाह ने बताया कि भाजपा ने अपने 10 वर्ष के शासनकाल में असम में घुसपैठियों से एक लाख 25 हजार एकड़ भूमि मुक्त कराई है। तीसरी बार कमल की सरकार बनाइए। अगले पांच वर्षों में हम असम से घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकालेंगे। हमारी भाजपा सरकार ने घुसपैठियों से 1 लाख 25 हजार एकड़ भूमि मुक्त कराई है। हमने उनके अतिक्रमण को तोड़ा है।


PM मोदी बोले- जनता चाहती है बदलाव, केरल में कांग्रेस पर बड़ा वार
रायपुर, बिलासपुर और गोंदिया रूट की ट्रेन सेवा फिर शुरू
चीन पर टेक्नोलॉजी नकेल, US ने पेश किया MATCH एक्ट
मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ा: कुवैत की तेल रिफाइनरी फिर बनी निशाना
राहुल गांधी पर भाजपा का तंज, बयान पर मचा बवाल
खौफनाक हादसा, गले के आर-पार सरिया; सर्जरी से बची जान
भर्ती की आवेदन तिथि बढ़ी, इच्छुक उम्मीदवार जल्द करें आवेदन
आईपीएल विवाद: ललित मोदी ने BCCI से की बड़ी मांग
मंटुरोव की भारत यात्रा: कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत
डेढ़ लाख शिक्षकों को फायदा, चौथी क्रमोन्नति का आदेश जारी
माता के दरबार में वर्दीधारी का भक्ति भाव, लोगों ने सराहा
AIMIM की पहली लिस्ट सामने: 12 उम्मीदवारों के नाम और सीटें तय
AAP नेता राघव चड्ढा बोले, खामोशी के बावजूद नहीं मानी हार
देसी और हाइब्रिड खीरे में क्या अंतर, कौन ज्यादा फायदेमंद