वीआईपी दर्शन पर रोक और मोबाइल-हथियार प्रतिबंध के साथ राम मंदिर में सुरक्षा बढ़ाई गई
अयोध्या। श्रीराम मंदिर में 19 मार्च राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राम मंदिर परिसर में श्री राम यंत्र की स्थापना और वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम चैत्र नवरात्रि के पहले दिन (वासंतिक नवरात्र) और हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) के अवसर पर आयोजित हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे, जिससे भारी भीड़ की उम्मीद है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक 19 मार्च को वीआईपी पास या विशेष दर्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। केवल आमंत्रित अतिथियों को ही निर्धारित रास्ते (रंगमहल बैरियर/क्रासिंग वन) से प्रवेश मिलेगा। वहीं, आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह छह बजे से देर शाम तक निर्बाध रूप से चलते रहेंगे। किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लेकर जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे भक्त पूरी तरह भक्ति में लीन रह सकें और सुरक्षा मजबूत हो। यदि कोई व्यक्ति अपने साथ सिक्योरिटी गार्ड लाता है, तो उन्हें भी परिसर में एंट्री नहीं मिलेगी। परिसर में लाइसेंसी रिवॉल्वर, तलवार, बंदूक आदि ले जाना मना है। हालांकि, सिख समुदाय के सदस्यों को कानूनी रूप से अनुमत छोटा कृपाण (गले में पहना हुआ) रखने की छूट रहेगी। आमंत्रित अतिथियों के पास व्यक्तिगत होंगे; इन्हें किसी और को सौंपा नहीं जा सकेगा।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम में करीब 3500-5000 लोग शामिल होंगे, जिनमें यूपी-उत्तराखंड के निधि समर्पण अभियान के कार्यकर्ता, विश्व हिंदू परिषद के 45 पदाधिकारी, लगभग 350 संत और मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिक शामिल हैं। राम मंदिर आंदोलन के कई पुराने सहयोगियों को इस बार निमंत्रण नहीं दिया गया है। भक्तों की सुविधा के लिए नवरात्रि व्रत रखने वाले भक्तों के लिए परिसर में फल, मखाना, मूंगफली, आलू के चिप्स जैसे उपवास-अनुकूल भोजन उपलब्ध होगा। साथ ही पीने का पानी और शौचालयरू पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट का कहना है कि ये कदम भक्तों की सुरक्षा, व्यवस्था और भक्ति के निर्विघ्न अनुभव के लिए उठाए गए हैं। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मंदिर परिसर में वैदिक विद्वानों द्वारा अनुष्ठान होंगे, और श्रमिकों को सम्मानित किया जाएगा। यह दिन अयोध्या के लिए बेहद खास होगा, जहां लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।


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