अमेरिकी कानून के शिकंजे में मादुरो, अर्जेंटीना की बड़ी मांग
अर्जेंटीना के एक जज ने बुधवार को अमेरिका से वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सौंपने की औपचारिक मांग की है। फिलहाल वह न्यूयॉर्क की एक जेल में बंद हैं और उन पर नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने एक विशेष ऑपरेशन में पिछले महीने मादुरो को पकड़ा था।
मादुरो पर लगे हैं कई गंभीर आरोप
मामले में अर्जेंटीना के संघीय जज ने एक वारंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस काराकास में मादुरो पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने शासन के दौरान प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हिंसा करवाई। इसमें लोगों को प्रताड़ित करना और जबरन गायब करना शामिल है।
मामलों में नागरिकों को बनाया गया है वादी
इस मामलों में उन वेनेजुएला के नागरिकों को वादी बनाया गया है जिन्होंने सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंटों के हाथों भयानक यातनाएं झेली हैं। यह कानूनी लड़ाई साल 2023 में ब्यूनस आयर्स में मानवाधिकार संगठनों ने शुरू की थी। यहां की अदालतें पहले भी देश के बाहर मानवाधिकार हनन के मामलों की जांच करती रही हैं। तीन जनवरी को अमेरिकी सेना ने मादुरो को सत्ता से हटाया था, जिसके बाद अर्जेंटीना के सरकारी वकीलों ने जज रामोस से इस प्रत्यर्पण अनुरोध को आगे बढ़ाने का आग्रह किया था।
'कभी हंसते नहीं देखा, सबसे खराब रिपोर्टर', एपस्टीन फाइल्स पर पूछा सवाल तो महिला पत्रकार पर भड़के ट्रंप
अमेरिका में इस मामले में चल रहा केस
अर्जेंटीना ने 1997 की प्रत्यर्पण संधि का हवाला देते हुए यह मांग की है। हालांकि, इसकी संभावना कम है कि ट्रंप प्रशासन इस पर तुरंत अमल करेगा। इसका मुख्य कारण अमेरिका में मादुरो पर चल रहा मुकदमा है। मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स अभी ब्रुकलिन की जेल में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने 25 वर्षों तक ड्रग कार्टेल के साथ मिलकर अमेरिका में हजारों टन ड्रग भेजने में मदद की।
क्या है राजनीतिक समीकरण?
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली खुद को डोनाल्ड ट्रंप का करीबी सहयोगी मानते हैं और उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी का स्वागत किया था। मानवाधिकार संगठनों ने इस प्रत्यर्पण अनुरोध को ऐतिहासिक बताया है। 'अर्जेंटीना फोरम फॉर द डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसी' ने कहा कि यह उन पीड़ितों की जीत है जिन्होंने ताकतवर लोगों के खिलाफ बोलने की हिम्मत दिखाई। अब अर्जेंटीना का विदेश मंत्रालय यह आधिकारिक अनुरोध वाशिंगटन डीसी भेजेगा, जहां अमेरिकी कानूनी विभाग इस पर विचार करेगा।


CM योगी बोले—पत्रकारिता जनविश्वास का प्रतीक, जिम्मेदारी निभाएं पत्रकार
घबराकर गैस बुकिंग या स्टॉक करने कि जरुरत नहीं, मध्यप्रदेश में ऑयल कंपनियों द्वारा ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति जारी
केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
‘ऐसा शासन दोबारा नहीं झेलना पड़ेगा’, जयराम ठाकुर का कांग्रेस पर बड़ा बयान
NSG कमांडोज का दमदार प्रदर्शन, भोपाल में ‘पराक्रम’ शो ने बढ़ाया जोश
राहुल गांधी बोले, LPG संकट में PM मोदी नाकाम, कोविड काल जैसी परेशानी दोहराई जा रही
व्यवस्था पर सवाल: सूखी लकड़ी न मिलने पर बेटी का दाह संस्कार डीजल और टायर से
चेन्नई में विजय का चुनावी दौरा रद्द, TVK प्रमुख ने समय और सुरक्षा पाबंदियों का हवाला दिया
अमित शाह का बड़ा बयान—एनडीए सत्ता में आई तो गोल्ड स्मगलिंग आरोपियों को 2 महीने में जेल
बंगाल में चुनावी जंग तेज, BJP-टीएमसी का हेट स्पीच विवाद अब EC तक
संसद का दृश्य भावुक: 19 सांसदों की शपथ, व्हीलचेयर पर नजर आए शरद पवार
पुलिस जांच में जुटी, हैवान मालिक के खिलाफ कार्रवाई तय
छत्तीसगढ़ सरकार जल्द जारी करेगी आदेश, अरुण देव गौतम को मिलेगा पदभार
सुरक्षा में बड़ी चूक! विधानसभा परिसर में हंगामा, स्पीकर की गाड़ी पर स्याही फेंकी