बागेश्वर धाम पहुंचे रशियंस, साधु जी सीता राम के लगाए जयकारे, मकर संक्रांति से पहले लिया बाबा का आशीर्वाद
छतरपुर: देश के जाने माने कथा वाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री विदेशों में भी लोकप्रिय हो रहे हैं. यही कारण है कि बागेश्वर धाम में उनके दर्शन करने विदेशी भी पहुंचे हैं. बुधवार को मकर संक्रांति से पहले रूसी पर्यटकों का एक ग्रुप भी बागेश्वर धाम पहुंचा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आशीर्वाद लिया. रूसी दल के सदस्यों ने बताया कि वे बाबा बागेश्वर की शक्ति से प्रभावित होकर यहां पहुंचे थे. रूसी दल ने बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद धाम पर जय श्रीराम के जयकारे लगाए.
भारतीय परिधानों में नजर आए रूसी
पूरी दुनिया में आस्था का केंद्र बन चुके बागेश्वर धाम में विदेश से भी बड़ी संख्या में लोग बालाजी के दर्शन करने और महाराज का आशीर्वाद लेने आते रहते हैं. इसी कड़ी में रूस से आए पर्यटकों ने भी बालाजी के दर्शन किए. इस दौरान पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री ने सभी को स्वस्थ और प्रसन्न रहने का आशीर्वाद दिया. धाम पर पहुंची रूसी दल के सभी सदस्य इस दौरान भारतीय परिधानों में नजर आए और खजुराहो व छतरपुर की सांस्कृति विरासत देखकर काफी खुश थे.
रूसी दल ने जानी सनातन परंपरा
इस दल में रूस से आए 10-12 महिला-पुरुष शामिल थे, जो कुछ दिनों के टूर पर भारत आए हैं. पुजारी प्रदीप महाराज ने गाइड के माध्यम से पर्यटकों को बालाजी की महिमा व सन्यासी बाबा की सिद्धियों के बारे में जानकारी दी. पर्यटक दल ने इस दौरान सनातन परंपरा को गहराई से समझने का प्रयास किया. पर्यटक दल ने जब बागेश्वर महाराज से भेंट की तो उन्होंने अपने जीवन संघर्ष और साधना यात्रा के बारे में रूसी दल को गाइड के माध्यम से अवगत कराया.
रूसी बोले- ये अनुभव अद्भुत
रूस दल के एक सदस्य ने कहा, '' यह अनुभव अद्भुत था. भारत की सांस्कृितक विरासत को पूरी दुनिया जानती है और सम्मान देती है. बागेश्वर धाम में समाज सेवा, धर्म सेवा, अन्न सेवा, पर्यावरण सुरक्षा जैसे विभिन्न जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं जो आपको अध्यात्म से और ज्यादा जोड़ते हैं.'' आखिर में पं. धीरेंद्र शास्त्री ने सभी पर्यटकों को सन्यासी बाबा की सिद्ध अभिमंत्रित भभूत देकर विदा किया. वहीं बागेश्वर धाम के सेवादार कमल अवस्थी ने कहा, '' रूस का दल आया था धाम पर दर्शन करने. सभी ने महाराज का आशीर्वाद लिया और धाम की महिमा व बाबा के बारे में जानकारी एकत्रित की. सभी काफी खुश नजर आए.''


माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन
फॉरेस्ट ग्राउंड में बना बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित और अनुशासित कर रहा
माता-पिता के संस्कार और गुरूओं से प्राप्त ज्ञान के प्रति सदैव रहें कृतज्ञ : राज्यपाल पटेल
आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव