लोक नृत्य और लोक कला पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का भव्य समापन
रायपुर : में आयोजित Chhattisgarh Folk Art Photo Exhibition का भव्य और सफल समापन हुआ। छायाचित्रों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को सहेजने वाली इस प्रदर्शनी ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। समापन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने प्रदर्शनी की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और लोक परंपराओं की समृद्ध भूमि है। यहां गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ नृत्य, पंथी और करमा जैसे लोक नृत्य आज भी जीवंत रूप में मौजूद हैं। प्रदर्शनी में इन लोक नृत्यों के साथ-साथ बांस शिल्प, मृदा शिल्प, टेराकोटा, आयरन और मेटल शिल्प से जुड़े छायाचित्रों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। Chhattisgarh Folk Art Photo Exhibition ने राज्य की जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति की गहराई को दर्शाया।
क्लाउड और छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य लोक कला और परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना रहा। इसका प्रभाव यह रहा कि केरल, तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार और यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। खासतौर पर युवाओं और स्कूली विद्यार्थियों में लोक संस्कृति को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।


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