खजुराहो में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 का आयोजन, धर्मेंद्र और असरानी को सम्मान
विश्व पर्यटन नगरी के रूप में पहचान बना चुके मध्य प्रदेश के खजुराहो में खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का 11वां संस्करण 16 दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा | यह आयोजन पिछले एक दशक से लगातार किया जा रहा है और इस बार भी सिनेमा प्रेमियों के लिए खास आकर्षण लेकर आ रहा है. खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के संयोजक एवं प्रयास प्रोडक्शन के निदेशक राजा बुंदेला ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के शिल्पग्राम परिसर में किया जा रहा है |
आयोजन धर्मेंद्र और असरानी को होगा समर्पित
राजा बुंदेला के अनुसार, 11वां फिल्म फेस्टिवल दिवंगत प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र और अभिनेता असरानी को समर्पित रहेगा. फेस्टिवल में मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे आयोजन का आकर्षण और बढ़ेगा | इस बार महोत्सव के लिए कुल सात टोपरा टॉकीज बनाई जाएंगी, जिनमें से एक टोपरा टॉकीज बमीठा क्षेत्र में भी स्थापित की जाएगी | प्रतिदिन शाम के समय मुख्य मंच पर सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे |
देश और विदेश की चयनित फिल्मों का होगा प्रदर्शन
फिल्म फेस्टिवल के दौरान देश और विदेश की चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके लिए विशेष रूप से तैयार की गई टोपरा टॉकीज दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण रहेंगी | इन टोपरा टॉकीज में देश-विदेश से आए कलाकार, निर्माता और निर्देशक तो शामिल होंगे ही, साथ ही फिल्म प्रेमी, पर्यटक और स्थानीय दर्शक भी बड़ी संख्या में फिल्मों का आनंद ले सकेंगे |
राजा बुंदेला ने यह भी बताया कि खजुराहो को मुंबई से सीधे जोड़ने वाली फ्लाइट की सुविधा नहीं होने के कारण फिल्म जगत के बड़े सितारों और नामी निर्माता-निर्देशकों को यहां लाना एक चुनौती रहता है, लेकिन इसके बावजूद वे हर वर्ष इस आयोजन को सफलतापूर्वक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि अब बुंदेली जनता भी इस आयोजन से जुड़ाव महसूस करने लगी है और फिल्म फेस्टिवल का आनंद ले रही है|
फेस्टिवल ने स्थानीय प्रतिभाओं को दी नई पहचान
खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ने बुंदेलखंड की कई स्थानीय प्रतिभाओं को नया मंच और पहचान दी है, जिससे उनकी किस्मत बदलने का अवसर मिला है | फिल्म जगत के दिग्गज शेखर कपूर, बोनी कपूर, चंद्रप्रकाश सिंह और मणिरत्नम जैसे नामी फिल्मकार खजुराहो सहित आसपास के क्षेत्रों में रुचि दिखा चुके हैं या यहां अपनी फिल्मों की शूटिंग कर चुके हैं |आज ओरछा, चित्रकूट और खजुराहो जैसे स्थान मुंबई और फिल्म उद्योग के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बन चुके हैं. हिंदी फिल्म उद्योग का यह बढ़ता जुड़ाव बुंदेलखंड के युवाओं के लिए आजीविका का मजबूत साधन बन रहा है और बुंदेली रंगमंच, कला, साहित्य और सिनेमा से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का मंच प्रदान कर रहा है |


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