मध्य प्रदेश में राहुल गांधी का ‘SIR हाइड्रोजन बम’ फ्लॉप! कांग्रेस ने BLA लिस्ट तो बनाई, पर मैदान में क्यों नहीं उतरे?
MP News: बिहार और हरियाणा में SIR का हाइड्रोजन बम फोड़ने वाले राहुल गांधी का मध्य प्रदेश में बम फिसड्डी साबित हुआ है. फील्ड पर बीएलओ के साथ बीएलए भेजने के बजाय कांग्रेस के बड़े नेता चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कर रहे हैं. एक तरफ बीजेपी बीएलओ के साथ अपने बीएलए तैनात करके SIR की प्रक्रिया को तेज कर रही है, वहीं कांग्रेस ने बीएलए की सूची जारी करके उनको उनके हाल पर छोड़ दिया है.
जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पिछले दिनों SIR को लेकर बैठक बुलाई थी. इस बैठक में प्रदेश के हरीश चौधरी से लेकर जीतू पटवारी भी मौजूद रहे. बीजेपी की तुलना में कांग्रेस ने चार दिन बाद बीएलए की सूची जारी की. SIR की प्रक्रिया को लेकर जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग को भी सवालों के घेरे में लिया. यहां तक कि आधी अधूरी तैयारी के बीच चल रहे फिर समय अवधि बढ़ाने की मांग की, लेकिन अपने बीएलए ही कांग्रेस तैयार नहीं कर पाई. यही कारण है कि अब बीजेपी कांग्रेस के SIR वाले बयानों पर पलटवार कर रही है. वहीं दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि आखिर जब बिहार और हरियाणा में राहुल गांधी ने फर्जी मतदाताओं की बड़ी संख्या और सूची जारी की तो उसके बाद मध्य प्रदेश में आखिर कांग्रेस क्यों पीछे रह गई है?
‘BJP से पहले BLA बना लिया’
SIR की प्रक्रिया और बीएलए की तैनाती में देरी को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है. कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हाफिज का कहना है कि हमने बीजेपी से पहले बीएलए बना लिए हैं. SIR की प्रक्रिया के बीच हमारे बीएलए लोगों के पास जा रहे हैं. वहीं कांग्रेस की देरी को लेकर भाजपा ने कहा कि यह पहले भ्रम फैलाने का काम करते हैं. बाद में कोई प्रक्रिया शुरू होती है तो शिकायतें चुनाव आयोग के पास करके वापस लौट जाते हैं. कांग्रेस के पास ना तो नेता बचे हुए हैं, ना ही नेतृत्व और ऐसे में राहुल गांधी ने जो मुद्दा उठाया है, वह मध्य प्रदेश में पूरी तरीके से फ्लॉप होता नजर आ रहा है.
कांग्रेस के BLA फील्ड पर नहीं उतरे
मध्य प्रदेश में SIR का काम बहुत जल्दबाजी में बिना तैयारी शुरू हुआ. हालांकि पॉलीटिकल पार्टी को भी यह कहा गया था कि वह सहयोग करें, लेकिन शिकायत करने के अलावा कांग्रेस के बीएलए फील्ड पर नहीं उतर पाए हैं. यही कारण है कि चुनाव आयोग भी कांग्रेस की शिकायत तो को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है, क्योंकि SIR की प्रक्रिया में साथ रहने के लिए कांग्रेस की तरफ से नजर नहीं आ रहा है.


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