शुभ माना जाता है अपराजिता का पौधा
हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में अपराजिता जिसे शंखपुष्पी भी कहा जाता है। बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसे घर में लगाने से धन-संपत्ति और सुख-समृद्धि आती है।
यह सकारात्मक ऊर्जा लाता है, सुख-समृद्धि बढ़ाता है और भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी को प्रिय है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे गुरुवार या शुक्रवार को उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना सबसे शुभ होता है, जिससे घर में शांति और समृद्धि आती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अपराजिता का पौधा घर में गुरुवार या शुक्रवार के दिन लगाना सबसे शुभ होता है। गुरुवार का संबंध भगवान विष्णु से है और शुक्रवार माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। अपराजिता का फूल दोनों देवताओं को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इन दिनों पर इसे लगाना शुभ फलदायी माना जाता है। इससे धन, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
अपराजिता का पौधा लगाने के लिए वास्तु में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सबसे उत्तम माना गया है। यह दिशा आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक होती है। इस दिशा में पौधा लगाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहता है। इस बात का खास ध्यान रखें कि इसे कभी भी दक्षिण या पश्चिम दिशा में न लगाएं, वरना इसके विपरीत प्रभाव हो सकते हैं।


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