रतलाम स्टेशन पर ट्रेन से गिरा युवक तड़पता रहा, आधा घंटा बाद आई एंबुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
रतलाम : रतलाम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से गिरकर घायल हुए युवक की मौत के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है. युवक आधे घंटे तक प्लेटफार्म पर तड़पता रहा लेकिन उसे कोई मदद या प्राथमिक उपचार नहीं मिला. आधे घंटे बाद आई एंबुलेंस से जब उसे निजी अस्पताल ले जाया जा रहा था तो उसकी रास्ते में ही मौत हो गई. मृतक नवनीत शुक्ला बड़नगर का रहने वाला था और एक निजी कंपनी में प्रमोशन मिलने के बाद रतलाम ज्वाइन करने पहुंचा था.
ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच फंसा युवक
रतलाम रेलवे स्टेशन पर वह ट्रेन में चढ़ते वक्त फिसल गया. युवक ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गया. रेलवे प्लेटफार्म पर तड़पते युवक का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे के जिम्मेदारों के असंवेदनशील रवैये का खुलासा हुआ. यह घटना 7 अक्टूबर की है. बड़नगर निवासी नवनीत शुक्ला पिता सुनील शुक्ला निजी कंपनी में प्रमोशन मिलने के बाद रतलाम में ज्वाइन करने पहुंचा था. लेकिन पदोन्नति के साथ शुरू किया गया रतलाम में नौकरी का पहला दिन नवनीत के लिए अंतिम दिन साबित हुआ.
स्टेशन पर नहीं मिल सका इलाज
पहले दिन की जॉब के बाद अपने घर बड़नगर को जाने के लिए वह रतलाम स्टेशन आया था. यहां चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान ट्रेन से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया. स्टेशन पर मौजूद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने उसकी मदद की. एंबुलेंस के लिए सूचना भी भेजी और जीआरपी को सूचना भी दी. लेकिन आधे घंटे से अधिक समय तक युवक प्लेटफार्म पर मदद का इंतजार करता रहा. इस दौरान युवक को कोई प्राथमिक उपचार नहीं मिला.
स्टेशन पर 40 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस
करीब 40 मिनट के बाद एम्बुलेंस से उसे निजी अस्पताल भेजा गया. लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गई. नवनीत के पिता सुनील शुक्ला का कहना है "अगर रेलवे स्टेशन पर उसे प्राथमिक उपचार मिलता और तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी. नवनीत अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाला था और उसकी एक 6 साल की बेटी और 3 साल का बेटा है. 3 दिन पुरानी इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ."
लापरवाही पर क्या बोले जीआरपी थाना प्रभारी
इस मामले में जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी ने बताया " 7 अक्टूबर की शाम स्टेशन पर ट्रेन से गिरकर घायल हुए युवक की जानकारी मिलने पर ड्यूटी पर मौजूद जवान पहुंचे थे और उपचार के लिए एंबुलेंस से पहुंचाया गया था. एंबुलेंस देरी से आने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है."


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