हिमालय में खतरे की आहट: केदारनाथ के पास ग्लेशियर टूटकर गिरा
रुद्रप्रयाग। इस साल प्राकृतिक प्रकोप कुछ ज्यादा ही दिखाई दिया है। भूस्खलन और बाढ़ ने बहुत कुछ तहस- नहस कर दिया है। हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस बार देश में हालात ऐसे हो गए हैं कि धार्मिक यात्राएं तक रोकनी पड़ी। अब केदारनाथ से बड़ी खबर सामने आई है, यहां के ऊपरी क्षेत्र में चोराबाड़ी ग्लेशियर के पास हिमस्खलन हुआ।
केदारनाथ मंदिर के पीछे की पहाड़ी पर ग्लेशियर टूटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, इस पूरी घटना का वीडियो में वायरल हो रहा है, जिसमें ग्लेशियर टूटकर नीचे गिरता नजर आ रहा है। दरअसल ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियर का बर्फ तेजी से पिघलने लगता है और उसका एक हिस्सा टूट कर अलग हो जाता है। ग्लेशियर का जब कोई बड़ा टुकड़ा टूटता है तो उसे काल्विंग कहते हैं। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा कि हिमस्खलन दोपहर करीब 2 बजे केदारनाथ मंदिर से पांच किलोमीटर ऊपर दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर बचाव दल को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिमस्खलन सामान्य है। प्रशासन ने लोगों से न घबराने की अपील की है और अफवाहों या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने का आग्रह किया।


सीजफायर पर भारत की प्रतिक्रिया, अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
क्यों मनाया जाता है विश्व होम्योपैथी दिवस? जानें इसका इतिहास
मौसम बदलते ही डायबिटीज मरीजों पर बढ़ता खतरा, ऐसे रखें अपना ध्यान
पूछताछ में वॉर्नर ने स्वीकार की अपनी गलती
डॉ. सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
भारत और बांग्लादेश की कूटनीतिक वार्ता सक्रिय, डोभाल और खलीलुर रहमान की डिनर मीट में चर्चा की उम्मीद
ऑर्गेनिक बाजार में ताजी और बिना केमिकल वाली सब्जियां उपलब्ध
CM ममता बनर्जी का बयान: SIR पर केस जारी रहेगा, 91 लाख वोटरों के नाम हटना चिंता का विषय
पिच रिपोर्ट: बल्लेबाजों के लिए मददगार, हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद
मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने की कार्रवाई
बिना वैधानिक सत्यापन के हजारों करोड़ के भुगतान को मंजूरी
मानवाधिकार आयोग ने खरगोन एसपी को नोटिस भेजकर जांच के निर्देश दिए