नहीं देखे होंगे इनसे क्यूट गणपति, मनमोहक मुस्कान, श्रद्धालु ले रहे बाल गणेश की बलैंया
ग्वालियर: देश भर में गणेशोत्सव की बहार आई है. गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लग रहे हैं. अलग-अलग पंडालों में अलग-अलग श्रृंगार और मनभावन प्रतिमाओं को विराजमान किया गया है. ग्वालियर में भी ऐसा ही एक पंडाल ट्रेंड कर रहा है. लोगों ने यहां बैठे गणपति को 'क्यूट गणेश' नाम तक दे दिया है. क्यूट गणेश को देखने श्रद्धालुओं की भीड़ लग रही है. यहां तक लोगों में बप्पा के साथ सेल्फी की होड़ लगी है.
मनमोहक है बाल गणेश का स्वरूप
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गणेशोत्सव का मुख्य आकर्षण इन दिनों हजीरा के राजा बने हुए हैं. वजह है गणेश प्रतिमा का आकर्षण, बड़ा सा चेहरा, छोटी सी सूंड, बड़ी-बड़ी आंखे ऊपर से गुलाबी रंग की हैट यानि टोपी, ड्रेस और हाथ में कॉफी का मग, कुछ ऐसी है, इन बाल गणेश की रूप सज्जा. जिसे देखते ही हर किसी का मन मोह जाता है. गणपति के साथ ही उनकी पत्नियां ऋद्धि-सिद्धि भी आधुनिकता की झलक दिखा रही हैं. क्यूट सी ड्रेस और हाथ में पर्स. मूसक राज का श्रृंगार भी खूबसूरत है.
इंटरनेट पर 'क्यूट गणेश' का फीवर
यहां दर्शन करने वालों के साथ साथ-इंटरनेट पर भी लोगों पर इनका बुखार चढ़ा है. यहां आने वाले भक्त सोशल मीडिया पर इन गणपति के साथ रील्स शेयर कर रहे हैं. लोगों ने तो इनका 'क्यूट गणेश' नाम तक रख दिया है. ये भी एक वजह है कि शाम के समय हर दिन सैकड़ों लोग क्यूट गणेश की एक झलक पाने के लिए पहुंच जाते हैं.

2010 से हर साल विराजमान होते हैं हजीरा के राजा
वैसे तो तानसेन मकबरे के पास ही हजीरा के राजा को विराजमान करने वाली समिति 2010 से गणेश उत्सव मना रही है. बीच-बीच में बप्पा की प्रतिमा स्थापित नहीं कर पाए थे. इस साल 12वें गणेश बैठाए गए हैं. समिति सदस्य ऋषभ गुप्ता ने ईटीवी भारत को बताया कि "वे हर साल ही अनोखी और मनमोहक गणेश प्रतिमा विराजमन करते हैं. गणेशोत्सव से कई दिनों पहले से प्रतिमा की तलाश शुरू हो जाती है और फिर गणेश चतुर्थी पर उस प्रतिमा को धूमधाम से विराजमान करते हैं."
खास तैयार कराया गणपति का यह स्वरूप
इस साल क्यूट गणेश की प्रतिमा भी बनवाई गई है. गणेशजी के इस स्वरूप को इंटरनेट की मदद से खोजा गया. फिर ग्वालियर के ही एक मूर्तिकार को ऑर्डर देकर यह प्रतिमा बनवाई गई है. ऋषभ कहते हैं की "यहां आने वाले ज्यादातर भक्त क्यूट गणेश के साथ सेल्फी लेने आते हैं. रात 12 बजे तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगा रहता है. यहां आने वाले बप्पा के भक्त उनके दर्शन करते हैं, फोटो-वीडियो बनाते हैं. बच्चे के स्वरूप में उनकी बलैयां लेते हैं कि उन्हें नजर ना लगे इसलिए नजर भी उतारते हैं."


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