ट्रॉफी जीत के बाद अचानक सोशल मीडिया से गायब हुई RCB; लंबे इंतज़ार के बाद टूटी चुप्पी
नई दिल्ली: 17 साल के इंतजार के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अपने नाम किया था. अहमदाबाद में 3 जून को पंजाब किंग्स को हराकर RCB चैंपियन बना था. इससे उसके घर बेंगलुरु में जश्न का माहौल था, लेकिन ये जश्न जल्द ही मातम में बदल गया, जब 4 जून को बेंगलुरु में RCB के विक्ट्री परेड के दौरान भगदड़ मच गई. इस हादसे में 11 लोगों को जान चली गई थी, जबकि 50 लोग घायल हुए थे. इस मामले में RCB ने तीन महीने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है और सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट लिखा है. इसमें उसने लिखा कि 3 जून ने हमें बहुत खुशी दी, लेकिन 4 जून ने सब कुछ बदलकर रखा दिया.
RCB ने क्या लिखा?
RCB ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा, "हमारा शांत रहना अनुपस्थिति नहीं बल्कि दुख था. ये जगह कभी एनर्जी, यादों और उन आनंददायक पलों से भरी पड़ी थी, जिनका आपने सबसे ज्यादा आनंद लिया, लेकिन चार जून के बाद से सब कुछ बदल गया. उस दिन के बाद से खामोशी ने अपनी जगह बना ली थी. इस खामोशी में हम शोक मना रहे थे, सुन रहे थे और सीख रहे थे. धीरे-धीरे हमने सिर्फ एक रिएक्शन से बढ़कर कुछ बनना शुरू कर दिया. अब कुछ ऐसा है जिस पर हम सच में विश्वास करते हैं".
उसने आगे लिखा कि इस तरह RCB CARES अस्तित्व में आया. ये सम्मान देने के साथ-साथ मरहम लगाने और अपने फैंस के साथ खड़े होने के साथ पैदा हुआ. हम अब जश्न मनाने नहीं बल्कि केयर के साथ अपने फैंस को लेकर आगे बढ़ रहे हैं. कर्नाटक का गौरव बनने के लिए RCB CARES और हम हमेशा ऐसा ही करते रहेंगे. 4 जून को हुए भगदड़ के बाद RCB ने मरने वालों को 10-10 लाख रुपये की सहायता दी थी.
क्या हुआ था 4 जून को?
3 जून को अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को हराने के बाद RCB ने 17 साल के बाद IPL का खिताब अपने नाम किया था. इसके अगले दिन 4 जून को RCB की टीम अपने शहर बेंगलुरु लौटी. इस दौरान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में विक्ट्री परेड का आयोजन किया गया था. इसी बीच स्टेडियम के बाहर लोगों की संख्या ज्यादा होने के कारण भगदड़ मच गई, जिससे 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 50 लोग घायल हो गए थे. इस मामले में कर्नाटक सरकार ने जुलाई में RCB के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी थी.


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