"थाईलैंड से भारत तक का ड्रग ट्रेल: भोपाल-बेंगलुरु में डीआरआई की छापेमारी में करोड़ों की बरामदगी"
भोपाल: राजधानी भोपाल में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री का भंडाफोड करने के बाद भोपाल में दो आरोपियों से 24.186 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की है. यह दोनों आरोपी बेंगलुरु से राजधानी ट्रेन में सवार हुए थे. डीआरआई यानी राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम ने दोनों को भोपाल जंक्शन पर नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार कर लिया.
प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो के मुताबिक, डीआरआई ने देशभर में ऑपरेशन वीड आउट चलाकर हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी में शामिल इस पूरे गिरोह का खुलासा किया है. देश भर में एक साथ की गई कार्रवाई में मास्टरमाइंड सहित 5 यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है.
एक साथ की गई छापामार कार्रवाई
डीआरआई के अधिकारियों ने क्रांतिवीर सांगोली रायन्ना रेल्वे स्टेशन बेंगलुरु और भोपाल जंक्शन पर एक साथ छापामार कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान दिल्ली के लिए रवाना हुई राजधानी ट्रेन (22691) में सफर कर रहे दो यात्रियों की बेंगलुरु में तलाशी ली गई तो इनके पास से 29.88 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई.
इसी दौरान 19 अगस्त को बेंगलुरु से राजधानी ट्रेन में सवार हुए दो यात्रियों से भोपाल जंक्शन पर 24.186 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई. उधर, डीआरआई की एक अन्य टीम ने नई दिल्ली में इसके मास्टर माइंड को दबोच लिया. इसके पास से 1.02 करोड़ की राशि बरामद की गई. यह राशि मादक पदार्थ की तस्करी की थी.
थाईलैंड के यात्री से भी हुई पूछताछ
उधर, छापामार कार्रवाई के दौरान मिली जानकारी के बाद डीआरआई की टीम ने थाईलैंड से बेंगलुरु पहुंचे एक यात्री को बेंगलुरू के होटल में रोका गया. इसके पास से टीम ने 17.958 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की है. डीआरआई ने कार्रवाई के दौरान कुल 72 करोड़ रुपए कीमत का कुल 72.024 किलो हाइड्रोपोनिक बरामद किया है. इसके अलावा 1 करोड़ रुपए की अवैध आय भी जब्त की गई है, जो तस्करी से जुड़ी थी.
युवाओं को बनाते थे निशाना
पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य हाइड्रोपोनिक को खपाने के लिए युवाओं को निशाना बनाते थे. खासतौर से कॉलेज छोड़ चुके युवाओं, नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगारों तक इसे पहुंचाता था. इसके लिए यह सोशल मीडिया का सहारा लेते थे.
क्या होता है हाइड्रोपोनिक वीड
यह बेहद महंगा नशीला पदार्थ माना जाता है. इसकी अंतरराष्ट्रीय मूल्य एक करोड़ रुपए किलो तक होता है. यह एक तरह का गांजा होता है, लेकिन यह सामान्य गांजे से अलग होता है. इसका नाम हाइड्रोपोनिक वीड इसलिए होता है, क्योंकि इस गांजा की खेती मिट्टी में नहीं होती, बल्कि इसे बिना मिट्टी के हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाया जाता है. इसे उगाने के दौरान अधिक पोषक तत्व दिए जाते हैं और इसलिए इस तकनीक से उगाया गया गांजा में उच्च टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल पाया जाता है. इससे यह सामान्य गांजे से ज्यादा नशीला होता है.


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