राधाकृष्णन को निर्विरोध जिताने की तैयारी, राजनाथ सिंह ने खड़गे से साधा संवाद
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात की और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के लिए समर्थन मांगा.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 9 सितंबर को होने वाला उपराष्ट्रपति चुनाव एनडीए की ओर से राजनाथ सिंह की देखरेख में होगा. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को चुनाव एजेंट बनाया गया है. एनडीए ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नई दिल्ली में पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद यह घोषणा की. भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि पार्टी सर्वसम्मति और संभवतः निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करने के लिए विपक्ष से संपर्क करेगी.
नड्डा ने यहां एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, 'हम विपक्ष से भी बात करेंगे. हमें उनका समर्थन भी प्राप्त करना चाहिए ताकि हम मिलकर उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित कर सकें.' उन्होंने कहा कि इस दिशा में पार्टी विपक्ष की सहमति जुटाने में लगी है. एनडीएन का इसमें पूर्ण समर्थन है. सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद के लिए हमारे एनडीए के उम्मीदवार हैं.'
राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. वरिष्ठ भाजपा नेता राधाकृष्णन कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए और इससे पहले तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे. उनका राजनीतिक जीवन आरएसएस और जनसंघ जैसे संगठनों से जुड़ने और छात्र राजनीति से जुड़ने से शुरू हुआ. तब से उन्होंने राजनीति को जनता की सेवा के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया है. उन्होंने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सुधार और जन कल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दिखाई है और ऐसे आंदोलनों का नेतृत्व किया है जो महत्वपूर्ण सामाजिक और विकासात्मक चुनौतियों का समाधान करते हैं.
उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ था. तब से उन्होंने राजनीति को जनता की सेवा के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया है और चार दशकों से भी अधिक समय तक एक कार्यकर्ता के रूप में जनता की सेवा की है. उन्होंने 1998 में कोयंबटूर से अपना पहला चुनाव 150000 से अधिक मतों के अंतर से जीता था.
बाद में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल बने. उन्होंने 1974 में 16 साल की उम्र में जनसंघ के माध्यम से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की. 1996 में वे तमिलनाडु भाजपा के सचिव बने. 1998 में वे कोयंबटूर संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए, जहां उन्होंने 150000 से अधिक मतों से जीत हासिल की और 1999 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुने गए.
साल 2006 में उन्हें तमिलनाडु भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया. इस दौरान उन्होंने सामाजिक और विकासात्मक मुद्दों को सक्रिय रूप से उठाया. 2016 से 2020 तक उन्होंने कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. उनके नेतृत्व में भारत का कॉयर निर्यात सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया.
उन्हें प्रतिष्ठित, ज्ञानी और किसी भी कानूनी आरोपों से बेदाग माना जाता है. उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले के तिरुपुर में हुआ था. वह पेशे से एक कृषक और उद्योगपति हैं. उन्होंने तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वी.ओ.सी. कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई पूरी की.
जनता की सेवा के अपने चार दशकों से भी अधिक के अनुभव में उन्होंने अनेक पदों पर कार्य किया है. विविध भूमिकाओं में सिद्ध नेतृत्व के साथ सी.पी. राधाकृष्णन समृद्ध राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं. चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी होगी. संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो गया था.


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