शिव मंदिर से लौटते समय की भूलकर भी न करें ये गलती, वरना नाराज हो जाएंगे महादेव, घर में छा जाएगी गरीबी
हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ का बहुत अधिक महत्व माना जाता है. पूजा करने से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी भक्ति से मन व तन शुद्ध होता है. अभी श्रावण का पवित्र महीना चल रहा है. शास्त्रों के अनुसार, इस महीने भोलेनाथ अपने परिवार के साथ पृथ्वी पर विचरण करने आते हैं. इसी वजह से इस पूरे महीने भगवान शिव से जुड़ी तमाम धार्मिक यात्राएं होती हैं. लोग पूरे माह मंदिरों में शिवलिंग पर जल अर्पित कर महादेव का नाम स्मरण करते हैं. श्रावण मास में शिव मंदिरो मे भक्त भोलनाथ को प्रसन्न करने के कई उपाय करते है. लेकिन मंदिर से लौटते वक्त ऐसी गलतियां कर बैठते हैं कि मंदिर जाने के सारे फायदों पर पानी फिर जाता है. ये गलतियां जीवन में कई मुसीबतें लाती हैं. ना ही पूजा का फल मिलता है, ना भगवान की कृपा बरसती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार गरुड़ पुराण, मनुस्मृति और विष्णु धर्मसूत्र जैसे ग्रंथों में बताया गया है कि मंदिर से घर लौटते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
भूलकर भी ना करें यह गलती
खाली लोटा – भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई भक्त श्रावण मे रोज भगवान को जल अर्पित करते है. इसके लिए लोग घर से पूजा सामग्री, प्रसाद के साथ लोटा आदि भी ले जाते हैं. मंदिर से वापस लौटते समय कभी भी लोटा खाली नही लाना चाहिए. बल्कि उसमें थोड़ा सा जल जरूर लाएं या लोटे में फूल, अक्षत के दाने डालकर लाएं. इससे घर में सकारात्मकता और समृद्धि बढ़ती है. वरना खाली लोटा गरीबी और नकारात्मकता लाता है.
प्रसाद और फूल – मंदिर से लाए गए प्रसाद या फूल को आते ही सम्मान पूर्वक पवित्र स्थान पर रखना चाहिए. प्रसाद को सभी लोगों में बांटें और खुद भी खाएं. वहीं फूलों को जल में प्रवाहित कर दें या पौधे की जड़ में रख दें. फूल फेंकने या प्रसाद को अशुद्ध स्थान पर रखने की गलती ना करें.
पैर धोना – मंदिर से आकर तुरंत पैर नही धोना चाहिए. जब आप नंगे पैर मंदिर जाते हैं तो घर आकर अपने पैर धो देते हैं ताकि पैर में लगी मिट्टी धुल जाए. यही गलती अधिकतर लोग करते हैं. ऐसा नहीं करना चाहिए. मंदिर से जब आप घर आएं तो अपने पैर को किसी कपड़े से पोछ लीजिए ताकि मंदिर की मिट्टी घंटे या आधे घंटे तक आपके पैर में लगी रहे. मंदिर की वह पॉजिटिव एनर्जी आपके शरीर में कुछ समय तक रहनी चाहिए. यह आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा.
घंटी – जब भी आप मंदिर से पूजा पाठ खत्म करके घर वापस लौटें तो मंदिर की घंटी को न बजाएं. बहुत सारे लोगों को देखा गया है कि वे मंदिर में प्रवेश के समय और वहां से लौटते समय घंटी बजाते हैं. यह एक बड़ी गलती है, जिसे करने से बचना चाहिए. यदि आप भी ऐसा करते हैं तो अगली बार जब मंदिर जाएं तो घर लौटते समय यह गलती न करें.


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