मध्य प्रदेश की आठ सिंचाई योजनाओं को वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए केंद्र की हरी झंडी
जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री श्री यादव से की मुलाकात
भोपाल 17 जुलाई। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश की आठ सिंचाई परियोजनाओं की वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए उन्हें पत्र भेंट किया। केंद्रीय मंत्री ने तुरंत सहमति देते हुए तत्संबंधी कार्रवाई के अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री श्री सिलावट ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री श्री सिंह को धन्यवाद दिया।
मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने का जो सपना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने देखा है उसको पूरा करने और प्रदेश के हर किसान के खेत तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लिए मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग प्रतिबद्ध है।
मध्य प्रदेश की जिन सिंचाई परियोजनाओं को केंद्र द्वारा वन एवं पर्यावरण संबंधी सहमति प्रदान की गई है वे हैं, मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना डबरा (दतिया), लोअर ओर वृहत परियोजना अशोक नगर एवं शिवपुरी, चेंटीखेड़ी परियोजना श्योपुर, मुंझिरी वृहत परियोजना श्योपुर, कोपरा मध्यम सिंचाई परियोजना सागर, छिंदवाड़ा कंपलेक्स बैलेंसिंग रिजर्वॉयर छिंदवाड़ा, सोनखेड़ी लघु सिंचाई परियोजना बड़वानी और दाममखेड़ा लघु सिंचाई योजना खरगोन।


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