मंदिरों में क्या पहनें क्या नहीं, लिस्ट हुई जारी, जबलपुर के मंदिरों के लिए ड्रेस कोड लागू
जबलपुर : बजरंग दल एक बार फिर से मंदिरों में ड्रेस कोड लागू करवाने की तैयारी में है. इसके लिए सावन का महीना आने के पहले ही बजरंग दल ने महिलाओं के ड्रेस कोड को लेकर पोस्टर लगाना शुरू कर दिया है. इन पोस्टरों में बाकायदा बताया गया है कि मंदिर में क्या पहनें और क्या नहीं.
बजरंग दल ने कहा- भारतीय संस्कृति आपको ही बचाना है
बजरंग दल के राष्ट्रीय सचिव ने एक फरमान जारी किया है. इसके पोस्टर बजरंग दल के कार्यकर्ता मंदिरों के बाहर चिपका रहे हैं. बजरंग दल के कार्यकर्ता अंकित मिश्रा ने बताया, '' जबलपुर के 30 से ज्यादा बड़े मंदिरों के बाहर यह पोस्टर चिपकाए हैं, जिसमें भारतीय संस्कृति को बचाने का निवेदन किया गया है.''
पोस्टर में लिखी गई है ये बात
बजरंग दल द्वारा जारी पोस्टर में लिखा है, '' मंदिर में महिलाएं और लड़कियां सिर ढक कर ही आएं. भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश करें. संस्कृति बचाने की जिम्मेदारी आपकी ही है.'' पोस्टर में आगे लिखा है, '' मंदिर में बरमूडा, हाफ पेंट, टी-शर्ट, जींस टॉप, छोटे कपड़े, नाइट सूट और मिनी स्कर्ट पहन कर ना आएं.''
आखिर में लिखा है, '' इसे अन्यथा न लें. भारतीय संस्कृति आपको ही बचाना है.''
बजरंग दल पहले भी जारी कर चुका है पोस्टर
बजरंग दल इसके पहले भी जबलपुर के मंदिरों में इसी तरह के पोस्टर चिपकता रहा है. हालांकि, पोस्ट के अलावा अब तक कहीं पर भी मंदिर में कार्यकर्ताओं ने किसी भक्त के साथ कोई पाबंदी नहीं की है. लेकिन इस बार ये पोस्टर लोगों का खासा ध्यान आकर्षित कर रहे हैं.
अश्लील कपड़े पहनना गैर कानूनी
भारतीय दंड संहिता 229 में इस बात का उल्लेख है कि लोग सार्वजनिक रूप से पूरे कपड़े नहीं उतार सकते, यहां तक की ऐसे कपड़े नहीं पहन सकते जिनसे अश्लीलता झलकती हो. ऐसे कपड़े सार्वजनिक स्थानों पर नहीं पहने जा सकते. ऐसा करने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है और आरोपी को तीन माह तक का कारावास हो सकता है. हालांकि, धार्मिक कार्यों और साधु संतों के पहनावे को लेकर नियम अलग हैं.
कपड़े पहनने की स्वतंत्रता
मंदिरों में कौन क्या पहन कर जाएगा, इसका कोई कानून नहीं है. कपड़े पहनना व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर है. लेकिन नग्न होना, अश्लील कपड़े पहनना गैरकानूनी है. हालांकि, इसे लेकर लोगों के अलग-अलग मत भी हैं, कुछ लोग जींस टॉप, नाइट सूट पहनकर मंदिर जाने को गलत नहीं मानते वहीं, कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति के हिसाब से गलत मानते हैं.


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