90 डिग्री वाले ब्रिज मामले में मोहन यादव का एक्शन, रिपोर्ट देखते ही 7 इंजीनियर सस्पेंड
भोपाल: राजधानी भोपाल के ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग पर 90 डिग्री वाले ओवर ब्रिज को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्शन लिया है. 90 डिग्री वाला रोड ओवर ब्रिज बनाकर सरकार की किरकिरी कराने के मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य शासन ने सख्त कार्रवाई की है. राज्य शासन ने इस मामले में लोक निर्माण विभाग के 7 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है. जबकि एक रिटायर्ड हो चुके इंजीनियर की जांच कराई जा रही है. इसके अलावा ब्रिज बनाने वाली एजेंसी पुनीत चड्ढा और डिजाइन बनाने वाली फर्म डायनामिक कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. यह कार्रवाई जांच में लापरवाही मिलने के बाद की गई है.
इन अधिकारियों पर की गई कार्रवाई
यह पहला मौका है जब किसी एक मामले में एक साथ इतने इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की गई हो. जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें दो चीफ इंजीनियर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि इंजीनियरों ने रेलवे की अनुमति के बिना ही ब्रिज के डिजाइन को पास कर दिया और इस पर काम भी शुरू कर दिया गया.
हालांकि बाद में रेलवे ने इस ब्रिज की डिजाइन को लेकर आपत्ति भी उठाई, लेकिन इसके बाद भी इंजीनियरों ने काम को रोका नहीं. बाद में 16 दिसंबर 2021 को इसकी जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग को भी मंजूरी दे दी गई. गड़बड़ी को लेकर अब इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
- तत्कालीन चीफ इंजीनियर ब्रिज संजय खाड़े को सस्पेंड किया गया है. यह अधिकारी अभी रीवा में पदस्थ हैं.
- मौजूदा चीफ इंजीनियर ब्रिज जीपी वर्मा को भी सस्पेंड किया गया. संजय खाड़े के ट्रांसफर के बाद इन्हें चीफ इंजीनियर बनाया गया था.
- तत्कालीन प्रभारी एक्जीक्युटिव इंजीनियर डिजाइन शबाना रज्जाक को सस्पेंड किया गया. यह अभी चीफ इंजीनियर ऑफिस में पदस्थ हैं.
- असिस्टेंट इंजीनियर डिजाइन शानुल सक्सेना को निलंबित किया गया. यह अभी भी इसी पद पर हैं.
- तत्कालीन ईई ब्रिज जावेद शकील को भी निलंबित किया गया. यह अभी एसई पीडब्ल्यूडी एनएच हैं.
- तत्कालीन एसडीओ रवि शुक्ला को भी निलंबित किया गया. यह पहले जीजी फ्लाईओवर में भी सस्पेंड हो चुके हैं.
- तत्कालीन सब इंजीनियर ब्रिज उमाशंकर मिश्रा को भी निलंबित किया गया. यह अभी एसई ऑफिस में पदस्थ हैं.
- तत्कालीन सुपरिटेंडिंग इंजीनियर एमपी सिंह को सस्पेंड किया गया. यह अधिकारी रिटायर्ड हो चुके हैं. यह इंजीनियर अभी जांच के घेरे में हैं.
सीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी
90 डिग्री वाला ब्रिज बनकर तैयार हुआ, तो इसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इंजीनियरिंग के इस बेहूदा मिशाल बने इस ब्रिज को लेकर जमकर सवाल उठाए गए. मामला चर्चा में आने के बाद विभागीय मंत्री ने जांच के आदेश दिए थे. गड़बड़ी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्रवाई की जानकारी ट्वीट कर दी. उन्होंने लिखा कि "ऐशबाग आरओबी के निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई है. जांच रिपोर्ट के आधार पर 8 इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है. 7 सस्पेंड और एक रिटायर्ड पर जांच होगी."


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