त्रिलोकपुर में सुरंग के बाहर भारी खतरा, पहली ही बरसात में फोरलेन जवाब देने लगा
जवाली, पठानकोट-मंडी फोरलेन को पूरी गुणवत्ता के साथ बनाने के भले ही बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन कहीं न कहीं इस निर्माण पर सवालिया निशान लग रहे हैं। बारिश की फुहारों से ही फोरलेन के किनारे की गई पहाडिय़ों की कटिंग का मलबा खिसक कर गिर रहा है। कोटला के नजदीक त्रिलोकपुर सुरंग के बाहर पहाड़ी से भारी भरकम मलबा गिर गया, जिस कारण सुरंग के एक तरफ वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। हालांकि कंपनी की पोकलेन मलबे को हटाने में जुट गई, परंतु जितना मलबा हटाया जाता रहा, उतना ही मलबा ऊपर से गिरता रहा।
शुक्रवार को भी मलबा गिरने का क्रम जारी रहा, जिस कारण सुरंग बहाल नहीं हो पाई। लोगों ने कहा कि नियमों को दरकिनार कर पहाड़ों को 45 डिग्री में काटने की बजाए 90 डिग्री में काटा गया है, जिस कारण सीधे पहाड़ एकदम से खिसक रहे हैं। ऐसे तरीके से पहाड़ों की कटिंग करने से अगर बारिश होने पर पहाड़ी का मलबा खिसक कर नीचे आता है और सडक़ से गुजर रहे वाहन पर गिरता है, तो कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अचानक से हजारों टन मलबा खिसक आता है। लोगों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मांग की है कि इस फोरलेन का निरीक्षण किया जाए तथा नियमों को ताक पर रखकर कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति
यूपी में बिजली सिस्टम में बड़ा बदलाव, उपभोक्ताओं को राहत
असम चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस नेता का तीखा बयान
भीषण गर्मी में राहत: सुखबासुपारा में नलकूप खनन से दूर हुई पेयजल समस्या, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
शांति की पहल या रणनीति? Iran के प्रस्ताव पर उठे सवाल
रोजाना शकरकंद खाने से मिलते हैं जबरदस्त हेल्थ बेनिफिट्स
दिनभर की धूप के बाद Delhi में बारिश-ओले से मौसम ने ली करवट
TMC को घेरा, क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान से विवाद बढ़ा
नीलामी प्रक्रिया से बाहर किए जाने पर काल सोमानी ग्रुप ने जताई आपत्ति
20 वर्षीय बेगम के साथ शादी बनी सुर्खियों का कारण
United States बोला— टैरिफ लगाना हमारा अधिकार, Beijing पर बढ़ी टेंशन
शांति से जश्न मनाने की अपील, नहीं तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
मुख्यमंत्री के 'सुशासन' संकल्प से आ रहा बदलाव
ओवरटेक करने की कोशिश बनी मौत का कारण, एक्सप्रेसवे पर भीषण टक्कर