उज्जैन की बहू मनीषा दोहा में फंसी, ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते लौटना हुआ मुश्किल
उज्जैन: ईरान इजरायल युद्ध के बीच कतर के दोहा में मध्य प्रदेश के उज्जैन कि बहू मनीषा फंसी हुई हैं. इस बात की जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के X-पोस्ट से सामने आई है. मनीषा के पति रजत से ETV भारत ने उज्जैन स्थित निवास पर चर्चा की, जहां रजत ने बताया वे उज्जैन के अभिषेक नगर (नानाखेड़ा) में रहते हैं. वहीं, उनकी पत्नी बीते 3 सालों से कतर एयरवेज में जॉब कर रही हैं. ईरान के द्वारा कतर में यूएस बेस पर मिसाइल अटैक के बाद कतर में दहशत फैल गई है.
कतर के दोहा में कैसे फंसीं उज्जैन की मनीषा?
मनीषा के पति रजत ने बताया, '' सोमवार रात 10:30 बजे मनीषा से बात हुई थी. तब मनीषा ने बताया कि इरान इजराइल युद्ध से माहौल काफी खराब हो गया है. ईरान ने वहां यूएस बेस पर मिसाइल दाग दी है और वे घबराई हुई थीं. बस इसी बात को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक उज्जैन भाजपा युवा मोर्चा के माध्यम से बात पहुंचाई और मनीषा की सुरक्षित वतन वापसी के लिए मैसेज पहुंचाया. मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और मनीषा की सुरक्षित वापसी के लिए परिवार को आश्वस्त किया है.''
सूचना मिलते ही किया एम्बेसी को मेल
मनीषा के पति रजत ने यह भी कहा मुख्यमंत्री के अलावा इंडियन एम्बेसी, कतर एम्बेसी, पीएमओ, सीएमओ, एवियशन डीजीसीए को भी मैंने मनीषा की डिटैल के साथ मेल किया था, जिसमें मनीष की सभी जानकारी साझा की है. सीजफायर की न्यूज के बाद स्थिति कतर सीमा में सामान्य है. मंगलवार को भी मनीषा से संपर्क हुआ है, वहां अब स्थिति सामान्य बताई जा रही है.
मुख्यमंत्री ने मनीषा के लिए गृहमंत्री से की बात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखा, '' उज्जैन निवासी श्री रजत भटनागर जी की पत्नी श्रीमती मनीषा जी दोहा, कतर में फंसी हुई हैं. इस प्रकरण में मैंने माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से सहयोग हेतु अनुरोध किया है. प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार के संपर्क में रहते हुए श्रीमती मनीषा जी की सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करें.''
विदेश मंत्रालय से उज्जैन सांसद की हुई थी बात
इससे पूर्व उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने भी विदेश मंत्री से उज्जैन के फंसे लोगों को लेकर चर्चा की थी. उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा था, '' मेरे पास कुछ माता पिता के कॉल आए हैं जिन्होंने अपने बच्चो की चिंता जताई है. कॉल के आधार पर हमने विदेश मंत्रालय बात की और लिस्ट मंगवाई है. कौन सा छात्र कहां का है, कहा फंसा हुआ है, अगर उज्जैन संसदीय क्षेत्र के छात्र-छात्रा या कोई भी वहां फंसे हैं तो उन्हें जल्द ही सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया जाएगा.
सांसद ने आगे कहा, '' मैं विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी समिति का भी सदस्य भी हूं. जल्द ही हम आंकड़े सामने लाएंगे. सभी भारतीयों को सुरक्षित भारत लाए जाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया जा रहा है.''
रूस यूक्रेन युद्ध मे फंसे थे उज्जैन के 22 छात्र छात्राएं
इससे पहले रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान भी ऐसे ही हालात बने थे, जिसमें कई भारतीय खासतौर पर एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए छात्र-छात्रा फंसे थे. उज्जैन से ही 22 नाम सामने आए थे, जिन्हें सुरक्षित लाया गया था. जैसे हालात ईरान में बने हुए हैं.


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