"अहमदाबाद, हौंसला रखना... हम भी टूटे हैं: एयर इंडिया क्रैश के बाद शहर की आंखों देखी"
अहमदाबाद. पूरे देश को झकझोर देने वाली अहमदाबाद विमान दुर्घटना का दर्द देश में हर जुबां बयां कर रही है. अहमदाबाद पर तो दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि जिसे देखो उसकी आंखें नम हो रही हैं. शहर को हौंसला देने और इस दुख से उबारने की कवायद भी शुरू हो गई है. बाकायदा शहर के मुख्य चौराहों पर बैनर-पोस्टर इस जख्म पर मरहम की तरह नजर आ रहे हैं. बैनर का शीषर्क कुछ हद तक ही सही अहमदाबाद के लोगों को ढ़ाढस बंधाने का काम कर रहा है. बैनर और पोस्टर पर लिखा है, '' हौंसला रखना अहमदाबाद, ये शहर उतना ही टूटा है जितना वो विमान.'' देखें ईटीवी भारत की ये ग्राउंड रिपोर्ट.
विमान हादसे के बाद शहर में अजीब सी खामोशी
गुरुवार को एयर इंडिया प्लेन क्रैश के बाद पूरा देश सदमे में है. लेकिन सबसे बड़ा जख्म अहमदाबाद को लगा है. ग्राउंड रिपोर्ट के लिए अहमदाबाद पहुंची ईटीवी भारत की टीम जब शुक्रवार सुबह एसजी रोड से एयरपोर्ट की ओर निकली तो एक अजीब सा सन्नाटा पूरे शहर को खाए जा रहा था. गुरुवार को हुए भयानक विमान हादसे की गवाही शहर की वीरान सड़कें दे रही थीं, धीरे-धीरे दिन चढ़ना शुरू हुआ और लोग अपने रूटीन के अनुसार बाहर निकलना शुरू हुए. चौराहों पर ट्रैफिक भी नजर आने लगा लेकिन हर शख्स मन में दुख का बोझ लिए नजर आ रहा था. इसी बीच ईटीवी भारत टीम की बातचीत 24 साल के कैब ड्राइवर उर्जन राजपूत से हुई.
ईटीवी भारत से बात करते हुए भावुक हुआ कैब ड्राइवर
ईटीवी भारत से बात करते हुए कैब ड्राइवर उर्जन राजपूत ने कहा, '' प्लेन क्रैश के बाद लोग काफी डर गए हैं. कभी सोचा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा. हमारे पूर्व सीएम भी बहुत अच्छे थे लेकिन सोचा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा.'' जब हमने कैब ड्राइवर से शहर में लगे इन पोस्टर्स के बारे में पूछा तो कैब ड्राइवर ने भावुक होकर कहा, '' लोग बहुत ज्यादा दुखी हैं, इसलिए ये पोस्टर लगे हैं. ऐसा हमने कभी देखा नहीं. इतनी सेफ्टी होने के बाद भी ऐसा हो गया.''
पूर्व सीएम विजय रूपाणी का निधन बड़ी क्षति
कैब ड्राइवर से जब पूर्व सीएम विजय रूपाणी के निधन पर प्रतिक्रिया ली गई तो कैब चालक ने कहा, '' उनके जाने से बहुत बड़ा नुकसान हुआ. वो काफी सक्रिय रहते थे. ये बहुत ही बड़ा नुकसान है.'' इस दौरान कैब ड्राइवर की आंखे नम हो गईं.
जहां फ्लाइट क्रैश हुई वहां रहने वाले युवक ने घर छोड़ा
दुर्घटना स्थल से कुछ दूर बनी बस्ती में रहने वाले एक युवक से हुई. 27 साल के प्रवीण यादव ने कहा, '' हम जहां रहते हैं वहां से फ्लाइट का टेक ऑफ रोज होता हुआ दिखता है. पर ऐसा हो जाएगा कभी कल्पना नहीं की थी. मैं बहुत डर गया था और घर छोड़कर दूसरे इलाके में चला गया. आज फिर लौट रहा हूं. अपनी लाइफ में ऐसी घटना कभी नहीं देखी. बहुत बुरा हुआ है.''


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