पाकिस्तान सीजफायर तोड़ने से नहीं आ रहा बाज: एलओसी पर तीसरे दिन भी हुई गोलीबारी जिसका भारतीय सेना ने दिया करारा जवाब
नई दिल्ली। पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बिना उकसावे के गोलीबारी की। शनिवार देर रात टुटमारी गली और रामपुर सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से छोटे हथियारों से फायरिंग की गई, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। लगातार तीसरे दिन संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 26-27 अप्रैल की दरमियानी रात को पाकिस्तान ने कई चौकियों से गोलीबारी की। भारतीय सैनिकों ने प्रभावी ढंग से जवाब देते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा। हाल के दिनों में पाकिस्तान द्वारा 24 अप्रैल को भी इसी तरह की फायरिंग की गई थी। हालांकि, इन घटनाओं में अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यहां बताते चलें कि ये घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं जबकि घाटी में पहले से ही तनाव का माहौल है। 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या कर दी थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया।
आतंकवादियों को भारत हर संभव सजा देकर रहेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि आतंकवादियों, उनके मददगारों और समर्थकों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढ़कर सजा दी जाएगी। वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और आतंकियों के खिलाफ हरसंभव बल के प्रयोग का निर्देश दिया।


साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
श्री विश्वकर्मा महापंचायत संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक 30 को बैठक में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्णय
बंगाल में कानून-व्यवस्था पर घमासान, नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप
विधानसभा-1 के वार्ड 9 से अभियान का शुभारंभ, जनभागीदारी पर जोर
VIT भोपाल में टाइफाइड का प्रकोप, 40 से अधिक छात्र संक्रमित — हॉस्टल व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
अमेरिका में सख्ती की तैयारी, विदेशी वर्कर्स पर फोकस
पुलिस पूछताछ में टूटी कहानी, बहू ने कबूला सच
बाबा बागेश्वर के बयान पर सियासी तूफान, कई सवाल खड़े
रायपुर कांग्रेस में बदलाव, किन नेताओं को मिली जगह?
शराब पिलाकर हत्या, फिर चौथी मंजिल से फेंका—कोर्ट का सख्त फैसला