उरी, पुलवामा और अब पहलगाम... पिछले 10 सालों में जम्मू-कश्मीर में हुए 10 आतंकी हमले, 123 ने गंवाई जान
कश्मीर: कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार शाम को हुए आतंकवादी हमले में 28 पर्यटक मारे गए। जिसमें महाराष्ट्र के भी 6 पर्यटक शामिल हैं। इस आतंकी हमले से समूचे भारत में शोक छाया हुआ है। जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार 10 आतंकवादियों ने पहलगाम घूमने आए पर्यटकों पर नाम पूछकर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले के बाद केंद्र सरकार सतर्क हो गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना सऊदी दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली आ गए हैं। पिछले दस वर्षों (2015-2025) में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी हमले हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में जान-माल की हानि हुई है।
पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले
1) 16 सितंबर, 2015
जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर बीएसएफ दल पर हमला किया। इनमें से 2 जवान शहीद हो गए और 11 घायल हो गए। एक आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया गया।
2) 18 सितंबर, 2016
जम्मू से 102 किलोमीटर दूर उरी में चार आतंकवादियों ने सेना के अड्डे पर हमला किया। इसमें 19 भारतीय जवान शहीद हो गए। माना जा रहा है कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की।
3) 10 जुलाई, 2017- अमरनाथ यात्रा पर हमला
अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रियों पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 7 श्रद्धालु मारे गए और 19 घायल हो गए। उन पर हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े होने का संदेह है।
4) 14 फरवरी 2019- पुलवामा हमला
पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती कार बम हमले में 40 जवान शहीद हो गए। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद भारत ने बालाकोट में हवाई हमले किये।
5) 2021: श्रीनगर में हमले
अक्टूबर 2021 में आतंकवादियों ने फिर से कश्मीर में हिंसा बढ़ा दी। प्रमुख कश्मीरी पंडित व्यवसायी माखन सिंह बिंद्रू की श्रीनगर में हत्या कर दी गई। इसके अलावा कई नागरिकों और अल्पसंख्यकों पर हमले किये गये।
6) 9 जून, 2024
रियासी में आतंकवादियों ने शिव खोरी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर हमला किया। इसके बाद बस एक खड्ड में गिर गई, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए।
7) 8 जुलाई, 2024
कठुआ में सेना के एक वाहन पर आतंकवादियों द्वारा ग्रेनेड फेंके जाने और गोलीबारी किये जाने से पांच जवान शहीद हो गये।
8) 16 जुलाई, 2024
डोडा के देसा जंगल में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें 4 जवान और 1 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। 2020 में सरकार ने डोडा को आतंक मुक्त घोषित कर दिया।
9) 20 अक्टूबर 2024
आतंकवादियों ने गंदेरबल में एक निर्माण स्थल पर हमला किया। इसने गैर-स्थानीय श्रमिकों और एक स्थानीय डॉक्टर को निशाना बनाया। कुल 7 लोग मारे गये। यह हमला जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के बाद हुआ।
10) 21 अप्रैल 2025- पहलगाम हमला
मंगलवार शाम को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में निर्दोष नागरिक मारे गए। अबतक 28 लोगों के मारे जाने की खबर है।


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